#Bollywood News – नाम शबाना भारत की पहली स्पिन आफ फिल्म

तापसी पन्नू और अक्षय कुमार की जोड़ी ने एक और धमाका कर दिया है। नाम शबाना भारत की पहली स्पिन आॅफ फिल्म बन गई है। पिंक के बाद तापसी पन्नू अपने करियर में तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं। बॅालीवुड की चुनिंदा एक्ट्रेस ही ऐसी होती हैं,जिन्हें कम समय में इतनी सफलता हासिल हो।या फिर जो एक्ट्रेस की लंबी फेहरिस्त के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने में कामयाब होती हो। इन दिनों तापसी की…

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"#Bollywood News – नाम शबाना भारत की पहली स्पिन आफ फिल्म"

Gazal by Rifat Shaheen

गर्मियों इश्क़ जलाती है हमे अपने दीदार की ठंडक दे दो पास अब जाओ बेझिझक आ कर दिल के दरवाज़े प दस्तक दे दो हम तेरे दर प हैं साइल से खड़े भीख में अपनी मुहब्बत दे दो राह उलझी है ज़िंदगानी की अब इसे जीने का मकसद दे दो रिफ़अत शाहीन

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"Gazal by Rifat Shaheen"

#Kavita by Sudesh Kumar Dikshit

साजिश किसकी थी छेद कर कश्ती डूवोने की साजिश किस की थी, तुम नहीं शामिल नहीं तो साजिश किस की थी । सब अपने ही सबार थे कोई गैर न था, फिर माझी को डराने की साजिश किस की थी । जान कर भी न जाने क्यों चुप हो तुम, बता घर ढाहने की साजिश किस की थी । दिल अगवा कर छुपा लिया चुपके से, वता दिल चुराने की साजिश किस की थी ।…

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"#Kavita by Sudesh Kumar Dikshit"

#Kavita by Mukesh Marwari

एक व्यंग्य “कोयले की करतुत” एक नेता जी सुबह ही सुबह आग में लकड़ी झोक रहे थे | शायद हाथ शेक रहे थे | सफेद लिबास में काले चरित्र को ढ़के हुए | मुँह में गुलकन्द का पान चबा रहे थे | जो उनके चरित्र को नगां करे उसे ही दबा रहे थे | उनकी चाल में जबरदस्त रौब था | तभी तो जनता में उनका खौफ था | चेहरे पर घोटालों कि रेखा साफ…

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"#Kavita by Mukesh Marwari"

#Kavita by Sailesh Kumar Singh

माँ का आँचल। स्नेह से भरा , प्यार से सराबोर । माँ तुम सबसे निर्मल पावन चरण जरा दे धो दू माँ । अमृत उस जल को माथे पर तिलक सजा कर बोलू माँ। बहन दिया पत्नी भी अब बेटी की बारी है , कैसे मैं गुणगान करू जिस छवि से दुनिया सारी है। एहसान नहीं चूकता कर सकता मैं इस जनम में माँ। बस एक एहसान और कर देना। तुम मेरी माँ बनना हर…

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"#Kavita by Sailesh Kumar Singh"

#Gazal by Adil Sarfarosh

किस ने निभाया है साथ वफादारी से सबने लूटा है मुल्क को बारी-बारी से सबकी फितरत में है बस दर्द देना कौन पेश आया है यहाँ खुद्दारी से हम क्या ये जहाँ तेरे साथ हो जाए अमा एक बात तो करो दमदारी से न जाने कब बिगड़ जायें मुल्क के हालात- सब लिए बैठे हैं खंजर देखो बड़ी तैयारी से मैं कैसे मान लूं वो बदल गया है आदिल गद्दार कभी बाज़ भी आया है…

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"#Gazal by Adil Sarfarosh"

#Kavita by Annang Pal Singh

होली ! सद्भावों के रंग बिखेरो, बचो कलुषता कीचड़ से ! इस होली में दोष जलादो, दुर्गुण दूर करो जड़ से !! बदबू कीचड़ खेल बनगई, अब सुगंध का नाम नहीं ! फैल रही दुर्गंध चहूँदिशि , लगातार अविराम यहीं !! किससे कहें सने हैं सबके,हाथ यहाँ पर कीचड़ से ! इस होली में दोष जलादो,………….. सबके कपड़ों पर ,चेहरों पर,दाग इसीके दिखते हैं ! बिना मोल के दुर्विचार भी बाजारों में बिकते हैं !!…

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"#Kavita by Annang Pal Singh"