#Kavita by Dr. Yasmeen Khan

अकेलापन’ अकेलापन भी अकेला कहाँ होता है ख़ुद में समेटे रखता है करोड़ अहसास बीते ज़माने की धमाचौकड़ियां हँसी,मज़ाक़ों की

Read more
Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.