Dr. Sarla Singh

आईना आईना कभी किसी सूरत मेंं, झूठ कभी नही बोला करता । बोलता है बस वो वही उतना, वही जो देखता है हकीकत वो। लाख लगा कर तरह तरह से , रंग -रोगन की परत को तुम । छिपा लो दुनिया से कितना , अपने चेहरे की हकीकत को । जिंदगी के सफर में भी साथी, ये वक्त एक आईना ही तो है । कर देता है ये भी ज्यों का त्यों, हकीकत का बयां…

Share This
"Dr. Sarla Singh"

#Kavita by Kapil Jain

सौहार्द प्रेम की होली   ***   रंग दी तुमने मेरी चुनरिया भीग गई मेरी चोली तुम हो कितने निष्ठुर साजन सजनी साजन से बोली प्रेम रंग में रंग जाने का नाम है प्रीत की होली अंग अंग पर रंग बरसाने आती है प्यारी होली प्रीत रंग से रंगने वाले को मैं क्यों निष्ठुर बोली समझ गया मैं कितना पावन है त्यौहार ये होली अलग –अलग रंगों के फूल चमन मैं तो क्यों ना खेले…

Share This
"#Kavita by Kapil Jain"

#Kavita by Gopal Kaushal

नवरंगी बौछार *** गले कैसे मिले भैया जब पेट हो गए मोटे । फोकट में दिल्ली लूटे जो   सिक्के  है  खोटे ।। सारे रिश्ते नाते हो गए आज के माहौल में छोटे । अपराधी मौज कर  रहें फरियादी खा रहें है सोटे ।। रंग लगाने किसको जाएं लगाने से पहले हम सोचे । नवरंगी हो हमारा हरपल ढूंढ रहें हम अक्सर मौके ।।

Share This
"#Kavita by Gopal Kaushal"

#Kavita by Madhumita Nayyar

दूर..     मीलों दूर हैं हम ना जाने कहाँ हो तुम! दिल लेकिन मेरा पास तुम्हारे इतना, कि धड़कनें भी तुम्हारी सुन सकती हैं मेरी धड़कनें, साँसें मेरी तुम्हारे साँसों की गर्माहट से तप सी जाती हैं, इतने पास हो तुम कि मानो कभी दूर ही ना थे हम, मुहब्बत के रेशमी धागे से बंधे।     मुझे मुहब्बत थी तब भी तुमसे, है आज भी मुहब्बत तुमसे, कितना? समुन्दर में पानी हो जितना,…

Share This
"#Kavita by Madhumita Nayyar"

Gazal by Dr. Dipti Gour Deep

मुल्क  की सरहदों पे जो सर दे गए l जिंदा रहने का हमको हुनर दे गए l उन शहीदों को कैसे भुलाएं कि जो l हिंद की शक्ल में प्यारा घर दे गए l उनकी  कुर्बानियों ने गज़ब कर दिया l जिंदगी भर को दर्दे-जिगर दे गए l हम तो जाते हैं अहले-वतन खुश रहो l मरते-मरते सभी को खबर दे गए l सर्द रातों में  ख़ूं को जमाते रहे l हमको रोशन सुहानी सहर…

Share This
"Gazal by Dr. Dipti Gour Deep"