#Kavita by Vinay Shukla

     (1) स्वागत है पुण्य पथ पे सदकाम कीजिएगा मन को पवित्र मंदिर ,सा धाम कीजिएगा भारत ये विश्व गुरू की गद्दी पे पुनः बैठे मेरी कामना को  पूरन हे राम कीजिएगा/    (2) लाख उङाने सब भरते हैं सजन यहाँ पर कौन बना ? आदर्शों की बात छेङकर लखन यहाँ पर कौन बना? सोच रही क्यों खङी तवायफ बाजारों में अबला सी ? हूस्न और जाम सभी चखते हैं सजन यहाँ पर कौन…

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"#Kavita by Vinay Shukla"

#Gazal by VINOD BAIRAGI

नजरो के सामने नजारे  कैसे बचाया जाए लगा दाग इस दिल पर  वो कैसे छुपाया जाए ऐसास नहीं है  जिन्हें अपनी ही गलती का क्यों ना उन्हें फिर से आइना दिखाया जाए इन अंधेरों में हमे चलने की  आदत तो नहीं हे किस  तरह  ये उन्हें ये अब समझाया जाए खंज़र  रखते हैं  जो अपने कलम वालो इन हाथों  में उन्हें फिर किस तरह गुलाब थमाया जाए जिन्हें शर्म तो  नज़र आती  ही नहीं अब…

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"#Gazal by VINOD BAIRAGI"

#Kavita by Naveen Jain

गीत होली है फागुन का महीना है, उड़ रहा है अबीर होली का पर्व है रे, मनवा हुआ अधीर चले पिचकारी सारा रा होली है आरा रारा रा — इस होली के पर्व को, बड़े मौज से मनाएँ होली होय गुलाल की, पानी सभी बचाएँ उड़े गुलाल सारा रा होली है आरा रारा रा — होली के रंगों से सीखो सामंजस्य बनाना संगठित रहना, पर जीवन में खुशियाँ लाना मचे हुड़दंग सारा रा होली है…

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"#Kavita by Naveen Jain"