#Kavita by Dr. Pratibha Prakash

तुम्हें देखकर आ गया हमको तो मुस्कुराना थामा है हाथ मेरा नहीं छोड़ राहैं जाना   जब याद तेरी आये ऐ दिलबर मेरे खुदाया तू बन के समीर मेरी सांसों में छेड़ता तराना   दीखता है तू ही मुझको ज़र्रे ज़र्रे में हरेक शै के समझा तुझे वही जिसे चाहे तू दिल लगाना   तेरी पाकेमोहब्बत इवादत अब बन गई मेरी ऐ परवरदिगारे आलम हर शय से तू ही बचाना   मेरे ख्वाबों में हक़ीक़त…

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"#Kavita by Dr. Pratibha Prakash"

Muktak by Gaurav Tripathi

बड़ी खामोश सी हो गई है जिन्दगी आकर बहला दो इसे, भ्रम टोड़कर सारी दुनिया का अब अपना लो इसे, जब से तुम गए हो छोड़कर मुझको इस दुनिया में, सजल हैं अश्रु से अब नयन आके दुआ दो इसे..!!   ***   याद मेरी भी उसको आती होगी, ख्यालों में मेरे वो डूब तो जाती होगी, फिर कंपकंपाते होंगे होठ उसके भी, और सारी रात यूं ही बीत जाती होगी.. #गौरव

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"Muktak by Gaurav Tripathi"