#Kavita by Sushma Dubey

आई आई गर्मी आई … कैसे कैसे खेल ये लाई । आओ चुन्नी खेलें खेल . राजू लाया छुक छुक रेल …. चुन्नी क्या तुम कंचे लाई आई आई गर्मी आई बबलू आओ हम छुप जाये रानी को हम नजर न आये खेलेंगे हम लुका -छिपाई मुन्नी तुम तो देर से आई आई आई गर्मी आई मोनू तुम ये ढोलक लेलो आओ तुम भी संग में खेलो अब गुड़िया की करें सगाई मीरा गुड्डा भी…

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"#Kavita by Sushma Dubey"

#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan

नब्ज़ नहीं पकड़ी जनता की और मशीन को रोते बची ख़ुशी जो साख रह गयी उसको भी वो खोते उसको भी वो खोते ,हास्यास्पद बन बैठे रेत में नाव चलाते ,रोना भाग्य का रोते ख़ुद जीते तो ये मशीन लगती थी प्यारी हार गए तो वही लगे तुमको हत्यारी “दिनेश प्रताप सिंह चौहान”

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"#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan"

#Kavita by Kavi Alok Pandey

अखंड भारत की ओर —————————————- —————————————- आघातों की राहों में सुन्दर मुस्कान बढाता जा, राष्ट्रदूत हे वीर व्रती भारत को भव्य सजाता जा, सुस्थिरता को लाता जा । अगणित कर्तव्यों के पुण्य पथ पर शील, मर्यादाओं के शिखर पर धन्य ! स्वाभिमानी वीर प्रखर सतत् रहे जो निज मंजिल पर । वसुधा की विपुल विभूति तू विजय का हर्ष लाता जा सबकी पहचान बनाता जा । उपवन कितने हैं लूट चूके पथ कंटक कितने शूल…

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"#Kavita by Kavi Alok Pandey"

#Kavita by Shiva Kumar Pandit

वह आता है जाता है सरकारी दीवारों पर सू-सू कर जाता है समोसे खाकर चाय पीकर दूध सब्जियाँ लाकर प्लास्टिक के कप-प्लेट या थैलियाँ जहाँ-तहाँ फेक जाता है और कहता है कि लोगों का यही धंधा है यह शहर बहुत गंदा है शिव कुमार पंडित कोलाकुसमा,धनबाद

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"#Kavita by Shiva Kumar Pandit"

#Muktak by Ram Shukla

लेकर इक चाह ह्रदय मे नई राह का गठन करें, तोड़ तिमिर भवबन्धन के इक नई राह का सृजन करें | खवाबों मे इतनी ताकत ला कि हर क्षण नूतन द्वार खुलें, परिवर्तन के द्योतक बन अब स्वयं मार्ग को प्रशस्त करें | भूख भय और जड़ता का अब किंचित भी न स्थान रहे, तुम गढ़ो नई राह ऐसी जो प्रगति का गुणगान करे मौलिक रचना – राम शुक्ला – जाफरगंज 9795198937

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"#Muktak by Ram Shukla"

#Kavita by Amit kaithwar

कितने घर बर्बाद किए कितनो का घर लूटा है. इस शराब के कारण कितनो का सपना टूटा है. जाने कितनी दुर्घटनाए शराब के कारण हो रही. कोई अपना पति खो रहा कोई बेटे खो रही . कच्ची पक्की खूब बिक रही शहर और गाँवो में . कई तरह के ब्रान्ड हैं कई तरह के भावों में. इस पीढी के लड़के पी रहे सिगरेट बीयर शराब हैं. आजकल के लड़को की आदते बहुत खराब हैं. उनकी…

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"#Kavita by Amit kaithwar"