#Kavita by Sanjay Verma

प्रदूषण के गुबार भौरे की निंद्रास्थली होती बंद कमल में उठाती  सूरज की पहली किरण  देती दस्तक खुल जाती आँखों  की

Read more
Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.