#Kavita by Vinay Shukla

कायर शासन सत्ता का गुणगान नहीं मेरी कविता राजनीति दरबारों का सम्मान नहीं मेरी कविता अख़बारों सा वैभव गौरव गान

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#Kavita by rakesh yadav

कुसुमसुमुदिता छन्द शिल्प :~ भगण नगण नगण गुरु। 10वर्ण प्रतिचरण, 4चरण, 2-2 चरण समतुकान्त। ** निर्मल बह अनिल सदा। वृक्ष

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