#Kavita by Vikash Raj

जाने जाँ मैं दूर तुमसे इस कदर हो जाऊँगा , तुम तो क्या, सारे जहाँ से बेखबर हो जाऊँगा ।   फिर भी मेरे साथ में आशीष है आकाश भर , तुमने तो बोला था कि मैं दर बदर हो जाऊँगा ।   था अभी खामोश जो बज्मे सुखन में तो मियाँ , तुमने क्या सोचा था कि मैं बेअसर हो जाऊँगा ।   तुम अँधेरे से कभी दहशत न करना दोस्तों , रात आने…

Share This
"#Kavita by Vikash Raj"

#Kavita by Lokesh Jhikli

मजबूर लड़की **   दृगो मे गम का नीर था चेहरे पे धुप थी दिखने मे साक्षात देवी का स्वरुप थी मुस्कान से खतरा था जवानो की जान को वाणी मे मिला आसरा सरगम की तान को अजान मे मस्तक दिये अनिमेष बेठी थी नीरव थी,लाचार थी किस्मत की हेठी थी जुन्हाई रातो मे वो थी विहाग गा रही निज वेदना लाचारी पर आँसु बहा रही नादान का हर वक्त खेल मे गुजर गया आखो…

Share This
"#Kavita by Lokesh Jhikli"

#Kavita by Rakesh Yadav, Raj

रोक सकेगा कौन धरा पर, बढ़ते सूरज का ये तेज। चपल चाँदनी चँवर डुलाये, होता अंधकार निस्तेज।। भारत की यह गौरव गाथा, गाते सारे वेद पुराण। वीरो की यह भूमि सदा ही, देती शहीदो का प्रमाण।।   यहाँ कमी नही जयचंदो की, देते खो अपनी ईमान। कमी नही है राष्ट्रभक्त की, पृथ्वी जैसा हो बलवान।। सदा जूझते समर शत्रु से, रखते मन में दृढ़ विश्वास। अपनी कुशल रण कौशल से, करे सदा शत्रु का नाश।।…

Share This
"#Kavita by Rakesh Yadav, Raj"

#Kavita by Gaya Prasad , Rajat

सब देवों का आशीष तेरी एक दृष्टि से कम है माँ। तेरा आँचल साथ नही है तो  मेरी आँखें नम हैं माँ। तेरी ममता समता जैसा वट बृक्ष नही पाया जग में, तेरे वरद हस्त की छाया शीतल अमृत सम है  माँ।   ***   गंगा तट पर मैं खड़ा हूँ . गंगा लहरें देखता हूँ . आचमन को हाथ में जल , चले आओ,चले आओ अजी तुम चले भी आओ . चकोरी को मिला…

Share This
"#Kavita by Gaya Prasad , Rajat"

#Kavita by Rifat Shaheen

एक सफ़र जारी है हाल्ट हैँ उदासी,आहें, आँसू, बेचैनी,शक,गलतफहमी, बदगुमानी,उलझन ,कश्मकश ए सफीर ….मेरे सफीर सफर जारी रख मंज़िल मत दे मुझे बस मेरे सफ़र को खुशनुमा कर दे तुझे उन लम्हों का वास्ता जिसमे हम खुल कर मुस्कुराये थे

Share This
"#Kavita by Rifat Shaheen"

#Gazal by Rambali Gupta

ग़ज़ल – 22 22 22 22 जब जलना स्वीकार करोगे, दीपक सा उजियार करोगे।।   स्नेह-समर्पण शस्त्र अगर हों, हर दिल पर अधिकार करोगे।   दुर्ग दिलों के जीत सके तो, विजित सकल संसार करोगे।   भजन नही जनसेवा से ही, जन्म यहाँ साकार करोगे।   दिल में द्वेष-दंभ का दानव, उसका कब संहार करोगे?   राष्ट्र हितों पर मिट न सके तो, जीवन यह बेकार करोगे।   दिल पर रख कर हाथ बता दो,…

Share This
"#Gazal by Rambali Gupta"

#Kahani by L R Seju Thob

कहानी *शक*   जब से सुभाष से मिली थी तब से एक अजीब सी स्फूर्ति का सचरण हुआ है उसे बार बार मिलने को मन कर रहा है कभी बाहर जाने को मन ही नहीं करता था अब तो थोडा बहाना मिलते ही चली जाती थी । चौड़ा सीना ,  गोल चेहरा , गेहुए वर्ण का  हष्ट पुष्ट नौजवान सुभाष प्राइवेट कंपनी में काम करता है । उनसे बातो और मुलाकातो में न जाने कब…

Share This
"#Kahani by L R Seju Thob"

#Muktak by Lal Bihari Lal

माँ पर कुछ दोहा माँ जीवन का सार है, माँ है तो संसार। माँ बिन जीवनलालका,समझो है बेकार।1। माँ की ममता धरा पर, सबसे है अनमोल। माँ जिसने भूला दिया,सब कुछ उसका गोल।2। माँ सम गुरू नहीं मिले, ढ़ूढ़े इस संसार। गुरु का जो मान रखा,नैया उसका पार।3। माँ के दूध का कर्जा, चुका न पाया कोय। जन जो कर्ज चुका दिया,जग बैरी ना होय।4। माँ पीपल की छांव है,माँ बगिया के मूल। माँ जीवन का सार है, हरे लाल…

Share This
"#Muktak by Lal Bihari Lal"

#Kavita by Ishq Sharma

एक पैग़ाम “माँ” के नाम “”””””””””””””” नातर्स नही दिलदार वो,मेरा पहला पहला प्यार है। ग़मगुस्सार अस्हाब वो, मेरा पहला पहला प्यार है। “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” आगाज़ भी मेरा अंत भी,  मेरी  अपनी ज़ागीर वो। उस बिना ना पल  कटे, मेरा पहला पहला प्यार है। “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” इब्तिला  कितनी  सही,  उल्लास  उसके मुख रहा। फ़लक जिसके पैरोंतले,मेरा पहला पहला प्यार है। “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” नाज़िश ना बेख़ुद है वो,इल्तिफ़ात उसके रग में है। उरूज़ उसकी देख लो, मेरा पहला पहला प्यार…

Share This
"#Kavita by Ishq Sharma"

#Kavita by kavi Piyush sharma(bittu)

बेटियो बेटियाँ तो देश की हैं,आन बान और शान, देश का है स्वाभिमान,गुणों की ये खान है। बेटियो की थाती यहाँ,अभिमान बलवान, इन्हीं से धनवान भी,मेरा हिन्दुस्थान है……. आँखे जो दिखाके कोई ,धुरे देश में बेटियों को, समाधान एक यही,यहाँ शमशान है। संस्कार बस जाता ,शत्रुओं में भी यहाँ तो, बेटियो यहाँ देश की,इतनी महान है। आपका अपना कवि पियूष शर्मा ……… अखिल भारतीय विद्यार्थी परिसद बारां (राजस्थान) नगर उपाध्यक्ष, बारां :7597556084

Share This
"#Kavita by kavi Piyush sharma(bittu)"

#Muktak by Mithilesh Rai, Mahadev

मैं यादों का कभी कभी जमाना ढूँढता हूँ! मैं ख्वाबों का कभी कभी तराना ढूँढता हूँ! जब खींच लेती है मुझको राह तन्हाई की, मैं अश्कों का कभी कभी बहाना ढूँढता हूँ!

Share This
"#Muktak by Mithilesh Rai, Mahadev"

#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

आज तो दिल में, यादों का चमन सजा बैठा है ! अतीत का हर लम्हा, काबिले याद बना बैठा है ! वक़्त था कि रोज़ मिलते थे अपने यारों से हम, अब तो कोई कहीं, तो कोई कहीं जमा बैठा है ! आये थे इस शहर में जोशो जवानी लेकर हम, मगर अब कोई नाना, तो कोई दादा बना बैठा है ! आये थे आशाओं से भरा निश्छल दिल लेकर, अब कोई अहम्, तो कोई…

Share This
"#Gazal by Shanti Swaroop Mishra"

#Kavita byVikram Gathania

गर्मियों का पंछी यकायक गर्मियों का पंछी बोल गया था पीपल के पेड़ से प्यास का दर्द जैसे घोल रहा था बोलने में प्रासंगिक हो रहा था दिल डोलने में पर दिखता पीपल ही था हरे पत्तों से लदा हुआ तनिक देर में देखता हूँ मैं तीन पहाड़ी बुलबुलें उड़ीं थीं मैंने देखते हुए सोचा था काश !कोई पुराना आदमी होता पास में बताता कौन सा परिंदा यह जो शांत हुआ था धीरेधीरे गर्मियों  की…

Share This
"#Kavita byVikram Gathania"

#Kavita by Brij Vyas

” इरादा कत्ल का या , साज़िशों का दौर है ” !! गहरा सागर , डूबने का डर ! जाने कैसा , होगा मंज़र ! अब है परवाह किसको , दूर तक ना छोर है !! हैं होठों पर , कितने फ़साने ! मद के प्याले , राम जाने ! प्यास जन्मों की मिटेगी , हाथ अब ना ठौर है !! रंगीनियां अब , रंग चढ़ी हैं ! उंगलियों में , जादूगरी है ! कशिश…

Share This
"#Kavita by Brij Vyas"

#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan

बहुत दिनों से नहीं हो रहा मौसम बेईमान अब मौसम की जगह हो गया बेईमान इंसान करें रक्षा अब कृपानिधान ——————————————————– मुल्ला और पंडितों के चक्कर में नहीं रह पाते जो साथ साथ रहना भी चाहें, राम और रहमान करें रक्षा अब कृपानिधान ——————————————————– यूनिवर्सिटी और डिग्रियों, ने पकड़ी ऊंचाई किन्तु धरातल पर आ पहुंचा देखो मानव ज्ञान करें रक्षा अब कृपानिधान ——————————————————— कई ग्रेजुएट,पोस्टग्रेजुएट शहर के हैं वाशिंदे पर,लाइब्रेरी की जगह खुल गए पार्लर…

Share This
"#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan"

#Kavita by Rishabh tomar , Radhe

शिरि को मयान से निकाल लीजिएगा आप जंग का एलान आज कर दीजिएगा आप बात अब केवल सैनिकों की नही रही माँ भारती के बेटों को न्याय दीजिएगा आप सिंह की दहाड़ ले मेघ से गरजते हम हमको हमारी दहाड़ दीजिएगा आप चाटे का बदला केवल चाटे से नही साहिब बंदूक और तोप चलाने  दीजिएगा आप नक्सली जेहादी  खोटे सिक्के के पहले है इन्हे मौत से भी ज्यादा मौत दीजिएगा आप सुकमा और घाटी में…

Share This
"#Kavita by Rishabh tomar , Radhe"