Lekh – BOOK REVIEW OF “कुछ व्यंग्य की कुछ व्यंग्यकारों की ” by M M handra

आत्ममंथन से व्यंग्यमंथन तक समीक्षक : एम. एम. चन्द्रा वरिष्ठ व्यंग्यकार हरीश नवल की पुस्तक “कुछ व्यंग्य की कुछ व्यंग्यकारों

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#Kavita by Neeloo Neelpari

फ़ीनिक्स सी ज़िन्दगी ~~~~~~~~~~~ अज़ाब सी ज़िन्दगी परेशां हो, खा ली अपनी उम्र बराबर प्रोज़ाक की छोटी गोलियां 20 मिलीग्राम

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#Muktak by Mithilesh Rai Mahadev

मुझको तेरी जुदाई मार डालेगी! मुझको गमे-तन्हाई मार डालेगी! कबतलक जी पाऊँगा तन्हा इसतरह? मुझको गमे-रुसवाई मार डालेगी!

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