#Kavita by Sudhir Gupta ‘ Chakra’

प्रकाशन हेतु हास्य कविता प्रस्तुत है- डॉक्टर का पत्र पत्नी के नाम मेरी प्यारी एन्टीबायोटिक सरला स्वराज सुबह, दोपहर, शाम प्यार की तीन मीठी सी खुराक डरता हूँ इसलिए विनम्र निवेदन करता हूँ मुझ गरीब से तुम क्यों दूर रहती हो इतना स्टेन्डर्ड कम्पनी की महंगी दवाई रहती है मुझसे जितना मैं तुम्हारे प्यार का हार्ट पेसेन्ट हूँ सेन्ट परसेन्ट हूँ ऐसा डॉक्टर ने बतलाया है क्योंकि एक्सरे में तुम्हारा चित्र स्पष्ट नजर आया है…

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"#Kavita by Sudhir Gupta ‘ Chakra’"

Kavita by Brij Vyas

” मुस्कराहट खा रही चुगली ” !! तैरते सपने दिखे हैं , Mail भी कितने लिखे हैं ! Pics भी इतनी बटोरी , भावना में सब बहे हैं ! बोल्ड हो गया कोई – किसी ने डाल दी गुगली !! नवल धवल प्यार है , खुशियों का उपहार है ! मिल गए हैं मन से मन , यों बहुतेरे इकरार हैं ! खूब बरतें सावधानी – फिर भी उड़ चले गिल्ली !! बढ़ गया विश्वास…

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"Kavita by Brij Vyas"

#Muktak by Mithilesh Rai ‘ Mahadev ‘

जब भी यादों की तस्वीर नजर आती है! तेरे ख्यालों की जागीर नजर आती है! मैं जब भी ढूँढता हूँ जिन्दगी की राहें, तेरी बाँहों में तकदीर नजर आती है!

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"#Muktak by Mithilesh Rai ‘ Mahadev ‘"

#Muktak by Annang Pal Singh

अवसर वा तैय्यारियों का जो मेल मिलाप. ! किस्मत बनकर उभरता इसको समझो आप !! इसको समझो आप, करो भरसक तैय्यारी ! अवसर जब भी आये , बन जाये हितकारी !! कह ंअनंग ंकरजोरि,सतत उपयोगी श्रमकर ! देंगें लाभ. तुम्हें , आयेंगे जो भी अवसर. !! अनंग पाल सिंह भदौरिया ग्वालियर

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"#Muktak by Annang Pal Singh"

#Kavita by Surendra Kumar Singh Chance

माँ के होने का एहसास कराती एक रचना   माँ जब से दिल के मन्दिर में रहने आयीं हैं दिन हंसते हैं रातेँ मीठे बोल सुनाती हैं।   कड़ी धूप में बादल मेरे संग संग चलता है नफरत की आंधी में देखो प्रेम दिया जलता है रूठी रूठी पुरवाई भी साज बजाती है आग सिमट कर छुई मुई सी सगुन मनाती है दिन हंसते हैं…..   बांह पसारे शाम बुलाये आ मुझमे खो जाओ सुबह…

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"#Kavita by Surendra Kumar Singh Chance"

#Kavita by Dr. Krishan Kumar Tiwari Neerav

प्रेमिका के लिए एक गीत रचना) लिख रहा हूं खत तुम्हें अपनी दलान में दिल से बाँचना इसे प्यार की जबान में ! वर्तमान काव्य का तुम हसीन छंद हो मेरी प्रियतमा मुझे बहुत ही पसंद हो । साजता हूं मैं तुम्हें अपने संविधान में ! दिल से बाँचना इसे प्यार की जबान में ! पंखुरी गुलाब की आब से भरी रहो कुदरती लिबास में फाब से भरी रहो । माधुरी मिले तुम्हें मौसमों से…

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"#Kavita by Dr. Krishan Kumar Tiwari Neerav"

#Gazal by Peeyush Gupta Gagan

ग़ज़ल ………खुदा के लिए   आज नज़रें मिलाओ ख़ुदा के लिए एक बार आ भी जाओ ख़ुदा के लिए   आज पहली दफ़ा कह रहा हूँ ग़ज़ल हौसला तुम बढ़ाओ ख़ुदा के लिए   चुप रहो,मत कहो तुम किसी से यहाँ रात वो भूल जाओ ख़ुदा के लिए   ज़िन्दगी तुम गुज़ारो अकेले नहीं हाथ सबसे मिलाओ ख़ुदा के लिए   अपने खातिर नहीं,मेरे खातिर नहीं प्यार को तुम निभाओ ख़ुदा के लिए   तीरगी…

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"#Gazal by Peeyush Gupta Gagan"

#Kavita by Gaurav Tripathi

मेरे मरने के बाद मेरी कहानी लिखना..!! ईश्क में बीती ज़िंदगानी लिखना..!!   लिखना शिसकते हुए होंठो के तराने खुद से, धड़कते हुए सीनों की निशानीं लिखना, रूह-रूह में बसते हो तुम मेरे_ मेरे बाद ये कहानीं खुद की जुबानीं लिखना.. मेरे मरने के बाद..   मेरे हर एक लहजे में होता है नाम तेरा, हर एक धड़कनों में बसता है चेहरा तेरा, मेरी हर गलतियों को समाकर खुद में, मुझसे हर बार मुश्कुराकर यूं…

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"#Kavita by Gaurav Tripathi"

#Kavita by Binod Kumar

भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक २जिसमे पाकिस्तानी दस बंकरों को नष्ट करने पर सेनाओं का यशगान हेतु मेरी रचना। धन्य धन्य भारत की सेना, भारत के हर वीर जवान। दस बंकर को नष्ट किये हैं, नानी याद करे शैतान। अमन चैन की बात ह् समझे, हत्या बस जिनका है काम। वो क्या समझे मानवता को, मजहब को करते बदनाम। नज़र उठाये जो भारत पे, उसको झट फोड़ो अब आँख। आतंकी शिविरों को मिटाओ, फैला सके…

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"#Kavita by Binod Kumar"

#Shayari by Kavi Nilesh

आंखों में तेरे मुझे सैलाब दिखता है। हार कि भीनी खुशबू में मुझे इतिहास दिखता है हार का सेहरा कभी मेरे माथे, कभी तेरे माथे पर पर आज मुझे इस हार में इंकलाब दिखता है । **   चमेली बाबू हास्य कवि किससे गए गुस्साए राधे मां को छोड़ दिए, अब ओम बाबा के शरण में आए   बाबाओं के दौर में बहुतों ने मारी बाजी राधे मां को देखकर, याद आती है मेरी चाची…

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"#Shayari by Kavi Nilesh"

Kavita by Vishal Narayan

-” मन उड़ा जाए “– मन उड़ा जाए रे मन उड़ा जाए लाख जतन करके खुद को रोक नही पाए.   पीपल की छईयाँ हो बहे ठंढ़ी बयार निर्झर कल कल हो संग मेरा यार बादलों के गाँव में मोहे लिए जाय…… मन उड़ा जाए रे मन उड़ा जाए…..   मन मेरा पंछी बने पीहू करे शोर यही सपना मेरा न आए कभी भोर मनवा का मोर मेरा गीत गाए जाए…. मन उड़ा जाए रे…

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"Kavita by Vishal Narayan"

#Kavita by Dipak Charlie

” गिद्ध  सी निगाहें ” ये सन्देश है उन कातिलों को जो भाड़े पर चन्द रुपयों के लिए एक दूसरे की जान ले लेते हैं ये सबक है उन लोगों के लिए जो जरा सी बात पर एक दूसरे की हत्या कर देते हैं —————————– आजकल अखबार में ऐसे बहुत से समाचार आते हैं लोग भाड़े के हत्यारों से एक दूसरे का खून करवाते हैं ये क्या हो रहा है क्या आज के इन्सान के…

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"#Kavita by Dipak Charlie"

#Kavita by Ishq Sharma

इश्क़ु ** है  चकाचौंध  चारो  ऒर  रौशनी  ही  रौशनी हैं। होत  अँधेरा  दिया  तले  बात  नही   भूलनी  हैं। माटी,माटी के मोल बिके तौभी ज्यादा लगता है। पकते  पेट  की  आग  में  बात  नही  भूलनी  है। आज  फटा  नही  बम  उसे  बीन  के  फटा येंगे। ये त्योहार  कैसे  मनता  मना  के  वो  दिखायेंगे। हिंदी  हो  या  चीनी  मतलब  नही  वो  रखते है। ख़ुशी दे जो ख़ुशी से वो नाम उसी का  बकते है। मैंने देखा  हाल …

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"#Kavita by Ishq Sharma"

#Gazal by Rishabh Tomar Radhe

मेरी हर शाम सुरमयी होगी तेरी पनाहों में ज़िंदगी होगी   मैने पलको में है तेरी सूरत तेरी लिये ये दिललगी होगी   जो मेरी नजर में बन्दगी है वो तेरे लिये आशिकी होगी   बिन तेरे क्या बताऊँ तुमको ताउम्र दिल में तिश्रगी होगी   तुम मेरे पास आकर बैठो तो तब मेरे दिल मे ताजगी होगी   और मेरी नजरों में  खो गई तो  मेरे लिये ज़िन्दगी होगी   तुम बस जुल्फों को…

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"#Gazal by Rishabh Tomar Radhe"

#Kavita by Vivek Bhaskar

तरक्की’ की फसल, हम भी ‘काट’ लेते थोड़े से ‘तलवे’, अगर हम भी ‘चाट’लेते….   बस मेरे ‘लहजे’ में, “जी हुजूर” न था ‘इसके’ अलावा, मेरा कोई ‘कसूर’ न था..   अगर ‘पल भर’ को भी, मैं ‘बे-जमीर’ हो जाता ‘यकीन’ मानिए, मै कब का ‘अमीर’ हो जाता..!

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"#Kavita by Vivek Bhaskar"

#Gazal by Kavita Singh

बेवफ़ाई का अब ज़माना है किसको रिश्ता यहाँ निभाना है ! सोये यादों को फिर जगाना है ! वस्ल का ख़्वाब तब सजाना है !! ज़ह्र कितना है याँ फ़ज़ाओ में – मौत को अब गले लगाना है _ उम्र भर की सज़ा मिली मुझको सारे रिश्तों को भूल जाना है आतिशे-इश्क़ बुझ न पाएगी – जिस्म को खाक़ में मिलाना है ! हुक्म है इश्क़ का तुझे एै ‘वफ़ा’ ! जख़्म खाना है मुस्कुराना…

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"#Gazal by Kavita Singh"

#Gazal by M D Juber

  मेरे दर्द से तुम वाकिफ़ तो नहीं वो गलिया अब मुनासिब तो नहीं   मेरी किस्मत में ना था ख़ुशी का किनारा ये ग़म कि दुनिया ख्वाहिश तो नहीं   मेर दर्द से तुम वाकिफ़ तो नहीं वो गलिया अब मुनासिब तो नहीं   ढूंढ़ता रहा दरिया में,कहि शाहिल तो नहीं डुब जाने दें गम की नगरी भी   मेरे मुक़द्दर को कुछ हासिल तो नहीं मेरे दर्द से तुम वाकिफ़ तो नहीं  …

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"#Gazal by M D Juber"

#Shayari by Sanjay Ashk Balaghati

मूझे पता है उसके वजह से बरबाद मेरा जीवन है फिर भी उसे एक बार देखने का होता मन है।   उसने भूला दिया है यकीन मानो मै भी भूला दूंगा बस उससे इतना पुछना है क्या सूकून देता धन है??   संजय अश्क बालाघाटी

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"#Shayari by Sanjay Ashk Balaghati"