#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

कभी न कभी तो, ये वक़्त भी आना ही था ! जो आया था उसे तो, एक दिन जाना ही था ! क्यों लगा बैठे थे तुम एक मुसाफिर से दिल, उसे तो अपनी, मंज़िल की ओर जाना ही था ! होती नहीं ये दूरियां राहों की असीम यारो, कभी न कभी तो छोर, उनका आना ही था ! कुछ भी न साथ लेकर गया वो जाने वाला, उसे सब कुछ तो इधर, छोड़ जाना…

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"#Gazal by Shanti Swaroop Mishra"

#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan

तंत्र सभी बेहाल देखिये राजनीति बदहाल देखिये कोई उत्तर नहीं मिल रहे कितने करें सवाल देखिये आश्वासन हर बार मिले हैं छले गए हर बार देखिये अस्पताल खुलते जाते हैं देश रहा बीमार देखिये शर्म छुपाती फिरती चेहरा बेशर्मी की चाल देखिये राज बदलते रहते है पर हाल वही हर बार देखिये हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई सभी वोट का माल देखिये गाय भैंस से किसको मतलब वोट की सारी चाल देखिये धर्मनिरपेक्ष वही हैं जो…

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"#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan"

#Kavita by Binod Kumar

बिहार में इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम २०१७ पर प्रतिक्रिया स्वरूप मेरी रचना। विधा:-वीर/अल्हा छंद शिल्प:-१६,१५ चरणान्त गाल/२१ ————————————— बार बार मेधा घोटाला, सही नहीं हो काँपी जाँच। होता अपना राज्य कलंकित, सदा साख पर आती आँच। जिसे कभी मिलता है अवसर, एक ध्येय पैसे की लूट। योग्य भले ही फेल हो रहे, माफिया राज रहे अटूट। अंग्रेजी की काँपी जाँचे, सदा पढ़ाते जो विज्ञान। नहीं ज्ञान पर टॉपर बनते, मेधा का छीने मुस्कान। बिनोद कुमार”हंसौड़ा”३/0६/१७ दरभंगा(बिहार)

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"#Kavita by Binod Kumar"

0224 – Binod Kumar

Kavita : विधा:-वीर/अल्हा छंद  -शिल्प:-१६,१५ चरणान्त गाल/२१ —– बार बार मेधा घोटाला, सही नहीं हो काँपी जाँच। होता अपना राज्य कलंकित, सदा साख पर आती आँच। जिसे कभी मिलता है अवसर, एक ध्येय पैसे की लूट। योग्य भले ही फेल हो रहे, माफिया राज रहे अटूट। अंग्रेजी की काँपी जाँचे, सदा पढ़ाते जो विज्ञान। नहीं ज्ञान पर टॉपर बनते, मेधा का छीने मुस्कान।   Kavita : बिहार में इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम २०१७ पर प्रतिक्रिया स्वरूप…

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"0224 – Binod Kumar"