#Kavita by Binod Kumar

जैसी करनी, वैसी भरनी —————————————– एक सेठजी गये शिवालय, पहन कर मँहगे जूते। खूब कमाया दौलत उसने, मेहनत के बलबूते।

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#Kavita by Kirti

कहा गये वो बचपन की रंगरेलियो वाले दिन… याद आते है कथा कहानी परियों वाले दिन… माँ के हाथ के

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#Muktak by Kavi Nilesh

जरिया ढूंढ लूं मैं भी बड़ी मुश्किल हालातों में सब्जी तीखा हो फिर भी मैं चटकारे लूं सलादों में घनघोर

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