#Kavita by Jaya Singh

बारिश का उन्माद …………..! ***************************** अब कभी बारिश देखो तो , क्यों मन नहीं मचलता। भीगने के वास्ते बाहर जाने

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#Shayari by Ishq Sharma

ख़ुदा देखने की तलब हो मेरी, और तू सामने आ जाये.. बस इतना ही काफी है.. •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• तेरे बीते किस्से

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