#Kavita by Gyanendra Shukla

तुम जमकर लठियाना, हम कन्या पूजन करेंगे, तुम जिंदाबाद कहना, हम मुर्दाबाद कहेंगे, तुम नोंचते रहना, हम चिल्लाते रहेंगे, तुम

Read more

#Kavita by Arun Kumar Arya

अर्द्धांगिनी नहीं पूर्णांगिनी ******** आधा अंग कहना नहीं सुहाता प्रिये कैसे कहूँ तुम्हें तुम हो मेरी अर्द्धांगिनी हर रूप में

Read more

।। विकलांगों पर दया करो ।। ————————————— अंधों  की लाठी बन जायें, मंजिल तक इनको पहुंचायें, इनका दुःख हो अपना

Read more

#Shayari by Ishq Sharma

तूने  ही  अफ़साने  भूले, बीते  सारे  फसाने  भूले। ••••••••••••••••••••••• भूल  गई  तू  यादें मीठी, खुद में मेरे ठिकाने भूले। •••••••••••••••••••••••

Read more
Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.