#Kavita by Tej Vir Singh Tej

वर्तमान हिंदी सिनेमा के ‘संस्कार विरोधी’ भंसाली-भांडों को समर्पित रचना। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹   किस लीला का जना हुआ रे,तू ‘सजंय भंसाली’

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#Kavita by Sandeep Kumar Nanital

(१)     छद्मवाद **** दुनिया के इस भीड़तंत्र में, विचारों की कई एक श्रृंखला, भिन्न-भिन्न मतावलंबी लिखने बैठे, मानववादी वाद श्रृंखला,

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#Kavita by Sunita Bisnolia

शब्द सीढ़ी #शब्द-औकात,बदजात,तहकीकात,मुलाकात,शुरुआत   खुदा के सामने तेरी बता #औकात क्या बंदे यहीं रह जाएगा सब कुछ,छोड़ अपने बुरे धंधे।

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