#Kavita by Mukesh Madhuram

काल यही है जब बड़े-विश्व परिवर्तन तर्कबुद्धि समझ न पायेगी उत्कृष्ट कर्म घटनाओं में दिव्य शक्ति ही दधीचि अस्थिवज्र चलायेगी

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#Muktak by Rajeev Pandey

एक हाइकु मुक्तक   दुनियादारी/सिखादी खुलकर /मुझे तुमने कर दिया है/बिल्कुल  बेखबर/ मुझे तुमने। एक ही चित्र/घूमता प्रतिदिन/ सम्मुख मेरे,

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