#Shayari by Ishq Sharma

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• बादलो से किसी की याद ज़मी पे बह रही है। हवा मद्धम से हौले से क्या जाने कह रही

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#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

दर्द दुनिया के हमने, सीने में छुपा रखे हैं ! मगर चेहरे पे, ख़ुशी के मुखौटे लगा रखे हैं !   क्या मिलेगा तमाशा दिखा कर औरों को,    हमने तो दामन में, हर ज़ख्म छुपा रखे हैं!   ये ज़िन्दगी का सफर तो लाज़िम है दोस्तो,  बस राहों के लिए, कुछ तज़ुर्बे बचा रखे हैं!   कैसे जीते थे लोग कभी हज़ारों साल तक, अपनी छोटी सी, ज़िंदगी ने नाच नचा रखे हैं !   होठ सीं रखे हैं “मिश्र” जमाने ने हमारे तो,   अलबत्ता हमने भी, बातों के तीर सजा रखे हैं!

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#Kavita by Anand Singhanpuri

प्रेम-अनुभूति धर्म,कर्म,आदिजन जहाँ रहते हो। जहाँ की हृदयों में, प्रभु रमते हो।। प्रेम प्रगाढ़ता की नित प्रभात हो। दीन हीन

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