#Kavita by Kavi Krishan Kant Dubey

प्रार्थनाएँ बहुत होती हैं दिन-रात लोग हाथ जोड़कर तुम्हारे सामने खड़ें होकर गुन-गुनाते हैं मंत्र और तुम आँखें मूँदें चुपचाप

Read more
Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.