#Kavita by Rajeev Kumar Das

मौसमों को,’बहार’रहने दो जहाँ है,वहाँ प्यार रहने दो लद जाएगी,दुनिया बदलने से बूढ़ों में,बच्चों का ‘खुमार’ रहने दो। आ गया

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