#Kavita by Vijay Narayan Agrwal

दौलत  –:भावानुभूति:–   महक उठा अमराई ऑगन, हृदय स्वरूपी पालकी। हार हॉथ शहनाई ढोलक,जय  कन्हैया  लाल की।।   बीजमंत्रकी मोहक

Read more

#Kavita by Acharya Amit

आओं मासूमियत का गुलाल घर-घर पहुंचाए अमन और चैन की खुशबू में नहाये मिटा दे सब मिलकर धर्मांधता के आडम्बर

Read more

#Kavita by Shikhar Mani

आइसोस्टैसी… ……………     आइसोस्टैसी भी आजकल कुदरत तेरा ग़ज़ब होता है कहीं आंखों में पानी होता है कहीं समन्दर

Read more