#Kavita by Rajendra Bahuguna

लहर का कहर प्रजातन्त्र  के  बाजारो में माल   बिका  बस,मोदी का राजनीति  दरबारों  में  भू-चाल  दिखा बस, मोदी का गाँव,शहर

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#Gazal by Ishq Sharma

जब तेरे दिलऒदिमाग का ठिकाना छोड़ दूँगा तब याद बहुत आऊंगा नज़र आना छोड़ दूँगा •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जो गुज़रा वो पल

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#Kavita by Arun Kumar Arya

वैश्विक हिन्दी साहित्य का स्वरुप **-***** **   साहित्य है चिन्तन साहित्यकार का साक्षात शब्दों की कड़ियाँ जुड़ होता हिन्दी

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#Kavita by Acharya Amit

एक तारा बोले…. आओ इश्क़ करे भुलाकर अपने धर्म मज़हब भाषा खोखली आस्था के आडम्बरों के ढोते हुए अस्थियों शाही

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