#Kavita by Prem Prakash

‘दुश्मन सारा जाहांन मोहब्बत के’   मेरी मोहब्बत का सारा जाहांन आज दुश्मन बन बैठा है जिनसे मोहब्बत करता हूँ

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#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan

भूख ,गरीबी, बेकारी ,बदहाली मिटा न पाता फिर अधिनायक जनगणमन का कैसा भाग्य विधाता —————————————————————- डिग्री बढ़तीं जातीं लेकिन हाथ

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#Kavita by Tej Vir Singh Tej

चराचर जगत की मातृ शक्ति को समर्पित सूर घनाक्षरी 🔧शिल्प- ८-८-८-६(चरणान्त वैकल्पिक)🔧   भारत भू श्रेष्ठतम संस्कृति से उच्चतम भारती

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