#Kavita by Rajendra Bahuguna

मुर्दा-गुर्दा दिखा रहा हेै स्वर्ण भस्म को खाने वाले हमको फिटनेस सीखा रहे हैं क्यों चौबीस घण्टे आवारा साण्डो को

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#Geet by Ramesh Raj

-गीत- जिनके आचराणों के किस्से केंची जैसे हों, कैसे उनको गाँव  कहें जो दिल्ली जैसे हों। नहीं सुरक्षा हो पायेगी

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