#Sansmaran by Dr Abha Mathur

++ मिली मुक्ति आफ़त से++ (संस्मरण) उन दिनों मैं राजकीय बालिका इन्टर कॉलेज में प्रधानाचार्या थी। हमारे विद्यालय का भवन

Read more

#Kavita by Ramesh Raj

गीत- ।। मुस्कान लगी प्यारी।। बुरे दिनों में भी तेरी पहचान लगी प्यारी फटी हुई धोती जैसी मुस्कान लगी प्यारी।

Read more

#Tewari by Ramesh Raj

तेवरी …. हाय-हाय डकराय बोलियो बाबुल से बँधी बधिक घर गाय बोलियो बाबुल से। बात कहियो खुल के।। ऐसी बैरन

Read more

#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

किसी की जान, किसी का ऐतबार थे हम भी, यारो कितने ही दिलों का, क़रार थे हम भी ! झेला है मुश्किलों का दौर भी हमने जमकर,      फिर भी मोहब्बतों के, तलबगार थे हम भी ! दिल की बेताबियाँ बेचैनियां देती थीं गवाही,     कि किसी की चाहतों में, गिरफ़्तार थे हम भी !   बेमियाद सफर का अंजाम कुछ न था चाहे, मगर मंज़िल की तलाश में, बेक़रार थे हम भी ! कहाँ से कहाँ पहुंचा दिया रहमतों ने उनकी,  कितनों की कद्रदानी के, कर्ज़दार थे हम भी ! अच्छा है कि खुल गयी असलियत अपनों की,  वरना तो कभी दिल से, तरफदार थे हम भी !   शांती स्वरुप मिश्र  

Read more