#Kavita by Binod Kumar

विषय-पसीना-पसीना रस-हास्य/व्यंग विधा-मनहरण घनाक्षरी शिल्प-८,८,८,७वर्ण प्रति चरण।चार चरण। बेरोजगार की बात,चैन नहीं दिन रात। कहते निकम्मा सब,पहले नगीना है।  

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#Gazal by Ishq Sharma

जाने किस मोड़ पर अब, आ गई है ज़िन्दगी कौन कहता है की मुझे,  भा गई है ज़िन्दगी ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• हर

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