#Kavita by Narpat Parihar

देश के नवयुवा कलमकारो को सम्बोधित कविता ————– ====================== नई उङान ये मेरा आमन्त्रण हैं ,नई उङान भरने को नव

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#Kavita by Acharya Amit

जहां दिलो में मुहब्बत ज़िंदा है समझना वहां आज भी आदमियत बसती है वरना कोई ऐसा मुहल्ला- गली-नुक्कड़-चौराहा बता दो

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#Tewari by Ramesh Raj

तेवरी … —————————————- महँगाई घुसि आयी तेरे चौका-चूल्हा-आँगन में सुन इसका उपचार नहीं है काशी या वृन्दावन में। आग लगै

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#Kahani by Salil Saroj

“तुम चलोगी क्या?” क्षितिज ने जूतों के फीते बाँधते हुए रसोई में व्यस्त रश्मि से पूछा। कुकर की सीटी में

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