#Kavita by sandeep kumar

*हरियाव बाना ( सुंदरतम् हरेला)* ********** सावन भादौ क बौछार जस  कफुवा की पुकार जस  न्यूली-प्यूली फूलवा क कतार जस

Read more

#Kavita by Rajendra Bahuguna

कबीरा नेता दूर कर,सब हिन्दू,मुस्लिम एक नेता के कारण बंटे,यहां  जनमत संग अनेक सत्ता का सर्कस वी.पी.सिंह भी कालाधन  हथियार 

Read more

#Gazal by Shanti swaroop Mishra

कभी शोलों की तरह, कभी शबनम की तरह लोग बदलते हैं अपने चेहरे, मौसम की तरह   कभी तो बनके आते हैं हमदर्द ज़िन्दगी में वो, तो कभी जला देते हैं आशियाँ, बेशरम की तरह   न करिये यक़ीन इन भोले से चेहरों पे साहिबान,  बना सकते हैं ये ज़िन्दगी, एक जहन्नुम की तरह   इनकी अदाओं में शामिल है फरेबों की गन्दगी,         ये तो करते हैं वार पीछे से, एक बेरहम की तरह   इस मतलबी दुनिया में ज़रा संभल के रहिये“मिश्र“, अब तो विरला ही पेश आता है, मरहम की तरह   शांती स्वरूप मिश्र  

Read more

#Gazal by Ishq Sharma

••••••••• पत्नी •••••••••••••• शक़ करती है वो सवाल करती है बीवी कहाँ कोई  मलाल करती है ••••••••••••••••••••••••••••••••• बेचारा लौटे देर

Read more