#Gazal by Dr Rupesh Jain Rahat

छोटे से दिमाग़ में बसा ली है दुनियाँ चारों और कौन देखता है चौतीस हो गयीं बर्बाद मुजफ्फरपुर कौन देखता है उन्नाओ, सूरत, मणिपुर, दिल्ली कौनसा हिस्सा बचा मेरे हिन्दुस्तान अब रोना आता है मुझको बच्चियाँ लाचार, कौन देखता है जब तक बीते न ख़ुद पे बड़े व्यस्त हैं हम चलो प्रार्थना ही करलें पुकारें बेटियाँ कौन देखता है विनती हैं पीड़िताओं के लिये अपने अपने ईश्वर, भगवान, मालिक, ख़ुदा जिसे भी मानते है से इक बार  प्रार्थना/दुआ जरूर करे डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’

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#Baal Geet by Ramesh Raj

बालगीत।। बन्दर मामा पहन पजामा इन्टरब्यू को आये इन्टरब्यू में सारे उत्तर गलत-गलत बतलाये। ऑफीसर भालू ने पूछा क्या होती

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#Kavita by Gayaprasad Rajat

सजल समांत-उने मात्राभार-14 मात्रा पतन -नही है प्रश्न कितने अनसुने हैं। अश्रु फिर से गुनगुने हैं। देखिए अंदाज उनका, शीर्ष

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