#Kavita by Gayaprasad Rajat

सजल समांत -आरा पदान्त -करते हैं मात्राभार-32 जिनके हाथों में रेबड़ियाँ, ऐसे बटबारा करते हैं। अपनो को बाँटकर हाथों से,फिर

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