#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

दौर ए गर्दिश का असर, कब तक रहेगा यूं ही उलझनों का सफर, कब तक रहेगा कभी तो टूटेगा आदमी का हौसला यारो, न जाने आफतों का कहर, कब तक रहेगा ज़िंदगी लगा दी हमने ज़िंदगी की खोज में, आखिर मरने जीने का डर, कब तक रहेगा जिसने मुद्दतें गुज़ार दीं हवाओं से झगड़ते, आखिए वो बूढा सा शज़र, कब तक रहेगा भटकता है दिल रौशनी की चाह में हरदम, आखिर इन अंधेरों का डर, कब तक रहेगा भुला दी है सब ने “मिश्र” मोहब्बत की भाषा, आखिर ये नफरतों का ज़हर, कब तक रहेगा शांती स्वरूप मिश्र

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#Kavita by Ramesh Raj

।। भालू की शादी ।। —————————— भालू दादा की शादी में, केवल पांच बराती। घोड़ा, बंदर, हिरन, शेरनी, उसके मामा

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#Gazal by Ishq Sharma

मुझे, तलब तो बहुत थी तुझे पाने की मगर, आदत नही अब मुस्कुराने की ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• तेरी ख़ुशी में खुश हो

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