#Kavita by R C Verma

कविता- मोहब्बत का मेला एक मुहब्बत के मेले में,आशिकों का झमेला था लाख चेहरे थे अपने,वहां फिर भी अकेला था।

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#Kavita by Neeloo Neelpari

“क्या यह अहिंसा है” सेलुलर जेल की अट्टालिकाएं गूँज रही हैं चीखों से जलियांवाला बाग़ साक्षी ज़ुल्मों का अंग्रेजों के

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#Kavita by R C Verma

विदेशी संस्कृति से रोना विदेशी संस्कृति से ही,हमारा रोना हुआ है-2 अंग्रेजी भाषा के कारण हम मातृभाषा भूल गये, अंग्रेजों

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#Gazal by Pradeep Mani Tiwari

बह्र/अर्कान-1222×4, मफाईलुन×4 ध्रुवभोपाली ★★★★★★★★★★★★ मुहब्बत कीजिए लेकिन वफादारी रहे कायम। तमन्नाएँ सभी पूरी न लाचारी रहे कायम। मुहब्बतदाँ जमाने में

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