#Kavita by Bipin Giri

गंगा पुत्र सानंद एक और भगीरथ शहीद हुआ आज हरिद्वार में था आनंदित,सुगन्धित वो माँ गंगा की सेवा में अविरलता

Read more

#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

हर दस्तूर इस ज़माने का, निभाया हमने ! मगर न पा सके वो यारो, जो चाहा हमने ! न आये कभी काम जिन्हें समझा अपना,   पर उनके हर इशारे पे, सर झुकाया हमने ! बहुत रंग देखे हैं हमने ज़िन्दगी के दोस्तो, पर उसका न कोई रंग, समझ पाया हमने ! न समझती है ये दुनिया अब दर्द के आंसू, न कोई मेहरवां दुनिया में, ढूढ़ पाया हमने ! “मिश्र” ज़िन्दगी लगा दी अपनों के फेर में, पर करें यक़ीं किस पर, न जान पाया हमने ! शांती स्वरूप मिश्र

Read more