#Lekh By Ramesh Raj

शिव-स्वरूप है मंगलकारी कवि रमेशराज शास्त्रों की मान्यतानुसार पावन गंगा को अपनी लटों में धारण करने वाले, समस्त देवों के

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#Kavita By Sunil Gupta

“वर्तमान को महकाओं” “जीवन सार्थक होगा साथी, जब तुम जग में- वर्तमान को पहचानोगे। भूत-भविष्य की चिन्ता साथी, छोड़कर तुम-

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# Gazal By Shanti Swaroop Mishra

उनकी तो बद्दुआ भी, हमें दुआ सी लगती है उनकी तो हर नफ़रत, हमें दवा सी लगती है हम तो हर चट्टान को सलाम करते हैं यारो, हर पाषाण की सूरत, हमें खुदा सी लगती है जीना है गर मज़े से तो चलो दुनिया के साथ, वरना तो ये ज़िन्दगी, हमें सजा सी लगती है न बताओ राज़-ए-दिल किसी को भी अपना, दुनिया की हर सूरत, हमें बेवफ़ा सी लगती है “मिश्र” न रहे वो दोस्त जो कभी होते थे पहले, अब उनकी भी हर बात, हमें हवा सी लगती है शांती स्वरूप मिश्र  

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