#Kavita by Amit Omar

(भ्रूण हत्या पर एक बेटी का दर्द)

 

 

जिस दिन माँ की कोख में आयी

घर मेरे खुशहाली थी

सुंदर गुड़िया बन कर मैं

दुनियां में आने वाली थी

 

लेकिन मेरे मां बाबा ने

ये सब क्या करवा डाला,

जैसे पता चला हूं लड़की

कोख में ही मरवा डाला।

 

मुझको भी जग में आना था

मेरे भी कुछ सपने थे

लेकिन मेरे कातिल जो थे

वो भी मेरे अपने थे

 

इन हत्यारो को क्यो बेटा

ही औलाद सा लगता है

खुद का बेटी होना मझको

अब अपराध सा लगता है

 

अमित ओमर

कानपुर

9935367640

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.