#Baal geet by ramesh raj

[बाल-कविता ]
+|| हम है पेड़ न आरी लाना ||
फूलों की कविताएँ रचकर
खुशबू-भरी कथाएँ रचकर,
हमने सबका मन हर पाया
रंगों-भरी ऋचाएँ रचकर।
हमसे सीखो तुम मुस्काना
हम हैं पेड़, न आरी लाना।|
मेघों का यदि तुम जल चाहो
मीठे-मीठे जो फल चाहो,
हमें न चीरो-हमें न काटो
हरे-भरे यदि जंगल चाहो।
तपती धूप, छाँव तुम पाना
साथ न बन्धु कुल्हाड़ी लाना।|
औषधियों के हैं कुबेर हम
तुमको स्वस्थ रखेंगे हरदम,
सीखे नहीं हानि पहुँचाना
हम बबूल नीम या शीशम |
हमसे मत तुम बैर निभाना
करते विनती, हमें बचाना।|
+रमेशराज

Leave a Reply

Your email address will not be published.