#Baal Kavita by Ramesh Raj

[बाल-कविता ]
|| मत काटो वन, मत काटो वन ||
हमसे फूल और फल ले लो
औषधियों सँग संदल ले लो।
जड़ से किन्तु हमें मत काटो
चाहे जितना ईंधन ले लो।
यूँ ही चलती रही कुल्हाड़ी
तो कल होगी नग्न पहाड़ी।
सोचो जब वर्षा कम होगी
बिन जल के भू बेदम होगी।
सारे वन जब कट जायेंगे
भू पर मरुथल लहरायेंगे
फिर ये अन्न उगेगा कैसे
सबका पेट भरेगा कैसे?
भू पर फसल नहीं यदि होगी
दिखें न सेब, टमाटर, गोभी
अतः पेड़ हम करें निवेदन
मत काटो वन, मत काटो वन।
+रमेशराज

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