#Baalgeet by ramesh raj

|| हम बच्चे हममें पावनता ||

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मुस्काते रहते हम हरदम

कुछ गाते रहते हम हरदम

भावों में अपने कोमलता

खिले कमल-सा मन अपना है ।

 

मीठी-मीठी बातें प्यारी

मन मोहें मुस्कानें प्यारी

हम बच्चे हममें पावनता

गंगाजल-सा मन अपना है ।

 

जो फुर-फुर उड़ता रहता है

बल खाता, मुड़ता रहता है

जिसमें है खग-सी चंचलता

उस बादल-सा मन अपना है ।

 

सब का चित्त मोह लेते हैं

स्पर्शों का सुख देते हैं

भरी हुई हम में उज्जवलता

मखमल जैसा मन अपना है ।

+रमेशराज

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