#Baalgeet by Ramesh Raj

।। हम सावन के रिमझिम बादल ।।

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बहुत दिनों तक सूरज दादा

की तुमने मनमानी

गर्म-गर्म अंगारे फैंके

और सुखाया पानी।

 

प्यासे-प्यासे जीवजन्तु सब

नदिया नाले सूखे

लेकिन तुम ऐसा करने में

कभी न बिल्कुल चूके।

 

किन्तु समझ लो और इसतरह

कुछ भी नहीं चलेगा

हरा-भरा खेत बिन पानी

कोई नहीं जलेगा।

 

हम सावन के रिमझिम बादल

अब बरसायें पानी

हम धरती पर फूल खिलायें

खुश हो कोयल रानी।

रमेशराज

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