#Baalgeet by ramesh raj

।। माफ करो समधीजी ।।

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दूल्हा बनकर, थोड़ा तनकर,

खुश थे बंदर भाई

नाचें संगी-साथी उनके,

बजे मधुर  शहनाई।

 

लिए हाथ में वरमाला इक,

बंदरिया फिर  आई

दरवाजे पर दूल्हे राजा-

बंदर को पहनाई।

 

बदंर का बापू बोला फिर ,

‘‘बेटीवाले आओ।

क्या दोगे तुम अब दहेज में

उसकी लिस्ट बनाओ।’’

 

गुस्से में आकर ऐसे तब,

बोला बेटीवाला-

‘‘अब दहेज का नहीं जमाना,

क्या कहते हो लाला।

 

यदि की अक्कड़-बक्कड़ तुमने

फौरन पुलिस बुलाऊँ ।

पांच लाख की फौरन तुमको,

अब तो जेल दिखाऊँ ।’’

 

बंदर का बापू यह सुनकर,

थोड़ा-सा चकराया।

अपनी गलती पर बेहद,

शरमाया, पछताया।

 

बोला वह बेटीवाले से,

माप करो समधीजी।

माँग दहेज मैंने कर डाली

बहुत बड़ी गलती जी।’’

रमेशराज

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