#Bal Kavita by Ramesh Raj

|| अब का काम न कल पै छोड़ो ||
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मीठा होता मेहनत का फल
भाग खुलेगा मेहनत के बल।

छोड़ो निंदिया, आलस त्यागो
करो पढ़ायी मोहन जागो।

आलस है ऐसी बीमारी
जिसके कारण दुनिया हारी।

मेहनत से ही सफल बनोगे
जग में ऊँचा नाम करोगे।

मेहनत भागीरथ ने की थी
पर्वत से गंगाजी दी थी।

मेहनत से तुम नाता जोड़ो
अब का काम न कल पै छोड़ो।
+रमेशराज

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