#Gazal by Ishq Sharma

  मेरी मौत का  ग़म, तुझे  सताए न सताए। देखना ज़िन्दगी तेरी भी कभी,ज़हर होगी। ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मेरी बेबसी की हँसी

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#Kavita by Ishq Sharma

जितनी तेज़ मैं दौड़ लगाया उतनी तेज़ बहती चली। हवा निरंतर आसमां से, ज़मी तक तेज़ बहती चली। •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मद्धम-मद्धम,

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