Gazal by Dr. Dipti Gour ‘Deep’

जिंदगी में ऐसे भी मोड़ आया करते हैं l दिल लगाने वाले ही दिल दुखाया करते हैं l गर्दिशों के मारों से कौन बात करता है l दोस्त भी मुसीबत में मुस्कुराया करते हैं l मशविरा तो दे देना पर मदद मती करना l लोग एहसानों को भूल जाया करते हैं l हम किसी से दुनिया में दुश्मनी नहीं रखते l लोग जाने क्यों हमको आजमाया करते हैं l ‘दीप’ कौन समझाए बेशऊर लोगों को…

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"Gazal by Dr. Dipti Gour ‘Deep’"

#Gazal by Uday Shankar Chaudhari

दिवाना है नही मुझसा कोई भी जमाने में मेरे महबुब के जैसा कहां कोई जमाने में आशिक हूं वतन का प्यार मुझको जमीं से है मुहब्बत है तिरंगे से ना दुजा है जमाने में —— पकड़ता हूं कलम जब भी कोई श्रृंगार लिखने को कलम चलती नहीं कहती जमीं का दर्द लिखने को नजर जाती किसानों पर उनके आशियानो पर सजल मन से कलम बढती दबे अरमान लिखने को —– जमीं को सींचते हैं जो…

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"#Gazal by Uday Shankar Chaudhari"

#Gazal by Kashan Iqbal Pahlwan

तेरी बुराइयों को हर अख़बार कहता है, और तू मेरे गांव को गँवार कहता है   //   ऐ शहर मुझे तेरी औक़ात पता है  // तू बच्ची को भी हुस्न – ए – बहार कहता है  //   थक  गया है हर शख़्स काम करते करते  // तू इसे अमीरी का बाज़ार कहता है।   गांव  चलो वक्त ही वक्त  है सबके पास  !! तेरी सारी फ़ुर्सत तेरा इतवार कहता है //   मौन  होकर…

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"#Gazal by Kashan Iqbal Pahlwan"

#Shayari by Saurabh Dubey Sahil

~ शायरी ~   दिल में उम्मीदों का ख्वाब पलता रहा, बिन कहे उससे सब कुछ चलता रहा , वो हँसकर एक नजर देख क्या गये, में ताउम्रभर मोमबत्ती सा जलता रहा ।   ~ सौरभ दुबे ” साहिल”  

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"#Shayari by Saurabh Dubey Sahil"

#Gazal by Dipti Gour ‘Deep’

जिंदगी में ऐसे भी मोड़ आया करते हैं l दिल लगाने वाले ही दिल दुखाया करते हैं l गर्दिशों के मारों से कौन बात करता है l दोस्त भी मुसीबत में मुस्कुराया करते हैं l मशविरा तो दे देना पर मदद मती करना l लोग एहसानों को भूल जाया करते हैं l हम किसी से दुनिया में दुश्मनी नहीं रखते l लोग जाने क्यों हमको आजमाया करते हैं l ‘दीप’ कौन समझाए बेशऊर लोगों को…

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#Gazal by Harpershad Pushpak

जिस पर भी एतवार किया है। उसने ही छिपकर बार किया है।। शीतलता मांगी थी जब भी। हाथों में  बस अंगार दिया है ।। बात सफेदी की करता पर । कालिख का व्यापार किया है ।। झाँक रहा जो आसमान से । उसे मसीहा नाम दिया है ।। बना मसीहा जो मजलूमों का । खुद को ही आवाद किया है ।। वही नसीहत बाँटते पुष्पक। हदों को जिसने पार किया है।। लौट रहे थे जो…

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"#Gazal by Harpershad Pushpak"

#Gazal by Tej Vir Singh Tej

कितनी बेशर्मियाँ आज़माने लगे इश्क़ में लोग क्या गुल खिलाने लगे।   डर कि मेरी जुबां खुल न जाये कहीं। वो सितम दिन -ब दिन ही बढ़ाने लगे   हम बग़ावत को  शायद निकल ही पड़ें ज़ख़्म दिल के बहुत अब  सताने लगे।   उनको पाने की दीवानगी देखिये हम किताबों से भी दिल चुराने लगे।   रूठने का फकत हमने नाटक किया हमको हँस हँस के वो भी मनाने लगे।   लोग कहते हैं…

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"#Gazal by Tej Vir Singh Tej"

#Gazal by Sanjay Ashk Balaghati

उसे पाकर ग़र लुट भी गया तो क्या सपना दिल का टूट भी गया तो क्या। …. जिंदगी अपना रास्ता खूद डूंड लेती है वो सफर मे ग़र छुट भी गया तो क्या। …. है काम आदमी का आदमी के काम आना उसे गिराकर ग़र मै उठ भी गया तो क्या। …. सच बोलकर दुश्मन ही कमाया है मैने दोस्ती मे बोल एक झुठ भी गया तो क्या। …. हर कदम पर फरेब करता रहा…

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"#Gazal by Sanjay Ashk Balaghati"

#Gazal by Aasee Yusufpuri

मुझको मालूम है इक रोज़ ज़ुबां खोलेगी ज़िन्दगी मांग ले मुझसे तू अभी जो लेगी   कौन देता है यहां जान किसी की ख़ातिर ये जो दुनिया है बहुत होगा ज़रा रो लेगी   मैंने रग-रग का लहू देके संवारा है इसे मैं अगर चुप भी रहूँगा तो ग़ज़ल बोलेगी   तेरे हमराह तो दुनिया भी है आसी भी है हमसफ़र अब ये बता दिलरुबा किसको लेगी

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"#Gazal by Aasee Yusufpuri"

#Gazal by VINOD BAIRAGI

नजरो के सामने नजारे  कैसे बचाया जाए लगा दाग इस दिल पर  वो कैसे छुपाया जाए ऐसास नहीं है  जिन्हें अपनी ही गलती का क्यों ना उन्हें फिर से आइना दिखाया जाए इन अंधेरों में हमे चलने की  आदत तो नहीं हे किस  तरह  ये उन्हें ये अब समझाया जाए खंज़र  रखते हैं  जो अपने कलम वालो इन हाथों  में उन्हें फिर किस तरह गुलाब थमाया जाए जिन्हें शर्म तो  नज़र आती  ही नहीं अब…

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"#Gazal by VINOD BAIRAGI"

#Shayari by Akash Khangar

रात रो कर बिताऊँ या सो कर क्या फर्क पड़ता है तू छोड़ दे मेरी फिकर ऐ खुदा चलने दे युही जब तक ये सिलसिला चलता है… ***   जो कहते है बड़े उसे मान ले प्रश्नो की बेमतलब झड़ी न लगा शब्द उनके नही तजुर्बा है ये व्यर्थ की बहस में न खुद को बहका दोष मढ़ने चले हो तो किसी को न छोड़ोगे अच्छा है खुद कर मंथन ज्ञान का ज्ञान अर्जन कर…

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"#Shayari by Akash Khangar"

# Gazal by Jasveer Singh Haldhar

तिमिर ने कल रात चरागों से दूरी बनाली ! अमीरों से दूर हो दिवाली हमने मनाली !! मिल पटाखे जला रहे सारे बच्चे द्वार पर ! कुकुर ने सुन के धमाके पूंछ अपनी झुकाली  !! रोशनी उतनी न थी जो चरागों से तय हुई ! पटाखों के धुएँ ने रोशनी शायद दबाली !! आपने सुनी न होगी एक खबर ऐसी भी है! भारत से डर पाक ने सैना पीछे हटाली !! हम पड़ोसी देश का…

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"# Gazal by Jasveer Singh Haldhar"

Gazal by Dr. Dipti Gour Deep

मुल्क  की सरहदों पे जो सर दे गए l जिंदा रहने का हमको हुनर दे गए l उन शहीदों को कैसे भुलाएं कि जो l हिंद की शक्ल में प्यारा घर दे गए l उनकी  कुर्बानियों ने गज़ब कर दिया l जिंदगी भर को दर्दे-जिगर दे गए l हम तो जाते हैं अहले-वतन खुश रहो l मरते-मरते सभी को खबर दे गए l सर्द रातों में  ख़ूं को जमाते रहे l हमको रोशन सुहानी सहर…

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"Gazal by Dr. Dipti Gour Deep"

Gazal by Kashan Iqbal Pahalwan

जबीं की धूल जिगर की जलन छुपाएगा, शुरू-ए-इश्क़ है वो फ़ितरतन छुपाएगा..   दमक रहा है जो नस नस की तिश्नगी से बदन, इस आग को ना तिरा पैरहन छुपाएगा..   तिरा इलाज शिफ़ा-गाह-ए-अस्र-ए-नौ में नहीं, ख़िरद के घाव तू दीवाना-पन छुपाएगा..   हिसार-ए-ज़ब्त है अब्र-ए-रवाँ की परछाईं, मलाल-ए-रूह को कब तक बदन छुपाएगा..   नज़र का फ़र्द-ए-अमल से है सिलसिला दरकार, यक़ीं ना कर ये सियाही कफ़न छुपाएगा..   किसे ख़बर थी कि ये…

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"Gazal by Kashan Iqbal Pahalwan"

#Gazal by Aasee Yusufpuri

ग़ज़ल   है दर्दे दिल,    कम ज़रूर होगा दीया ये ,     मद्धम ज़रूर होगा   उदास मैं ही    नहीं हूँ     तन्हा उसे भी कुछ, ग़म ज़रूर होगा   जो आज मौसम ये दिलनशीं है वो मुझ से  बरहम  ज़रूर होगा   ग़रूर उसको है क़द पे “आसी” वो देखना   ख़म    ज़रूर होगा _______ सरफ़राज़ अहमद आसी

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"#Gazal by Aasee Yusufpuri"

#Shayari by Suraj Sharma

इश्क़ में खुमार बहुत है , इश्क़ में बहार बहुत है।S। हो जाये हो इश्क़ तो ये इश्क़ बीमार बहुत है। इश्क़ में मिलन भी बहुत है , इश्क़ में इन्तजार भी बहुत है।L। हो जाये जो इश्क़ तो इश्क़ बीमार बहुत है। है बेचैन इश्क़ मगर इसमें करार भी बहुत है, इश्क़ वीरान इश्क़ गुलज़ार भी बहुत है, हो जाये जो इश्क़ तो इश्क़ बीमार बहुत है।S। इश्क़ महरम इश्क़ तलबगार भी बहुत है,…

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"#Shayari by Suraj Sharma"

#Gazal by Dr. Yasmeen Khan

हाँ, शिकायत का कभी मौक़ा न मिल पाया मुझे। मैं वो पत्थर हूँ कि हर ठोकर ने सहलाया मुझे।। तल्ख़ रहना तो मेरी फ़ितरत में है मजबूर हूँ। वक़्त ने हर दौर में ज़ह्राब पिलवाया मुझे।। रूह मेरी काँपकर सचमुच ठिठककर रह गयी। आईने ने रूप जैसा आज दिखलाया मुझे।। इस गिरह को खोलने में ही लगी रहती हूँ मैं। कौन है जिसने हमेशा मुझसे उलझाया मुझे।। जिसके कहने पर कोई बस जाए दिल में…

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"#Gazal by Dr. Yasmeen Khan"

#Gazal by Vinod Bairagi

स्न की हसीना ओ का दीदार हु में। दिल का सफर तो धड़कन करती हे उस के लबो का वो  प्यार हु में।। देखने लगा में इन अँधेरी रातो में मुझे देखा कर तो चादनी भी सरमा गई। मोहब्बत के सपनो में वो आ गई ।। इन आखो में से वो समन्दर का पानी आ गया । इश्क  के प्यार ने दिल को रुला दिया। माली की बागियों से खुसबू आने लगी हे। लब्बो के…

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"#Gazal by Vinod Bairagi"

#Sazal by Gayaprasad Mourya , Rajat

सजल *********** अपना ही ये चेहरा अक़सर डराता है मुझे . अपना ही अब पराया  नज़र आता है मुझे . मैं हांथों में बुत बन के रह गया हूँ उसके , हर रोज़ मिटाता है खुद ही बनाता है मुझे . मिटटी है वतन की कसम नही खा सकता, दगा दे सकता वो ऐसा नज़र आता है मुझे . अपनी महफ़िल से  रुसवा कर दिया तुमने , गैरों की बस्ती में देखूं कौन बिठाता है…

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"#Sazal by Gayaprasad Mourya , Rajat"

#Shayari by Amit Omar

बुजुर्गो की दुवाओ का असर ढलता नही देखा दिलो में द्वेष बच्चो के लिए पलता नही देखा यही वो लोग है जो कर रहे है घर तेरा रोशन चरागों से किसी का आशियाँ जलता नही देखा अमित ओमर कानपुर 09935367640

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#Gazal by Adil Sarfarosh

अहसास-ए-ग़ज़ल💥💥   नफरत की फैली आग बुझाओ तो बात है दिल में किसी के प्यार जगाओ तो बात है   हिंसा की लपटों में शहर झोंकने वालों- सदभावना के दीप जलाओ तो बात है   तेरा नहीं मेरा नहीं ये मुल्क है सब का- ये बात ज़रा सबको बताओ तो बात है   मरहम न लगाओ किसी ज़ख़्मी की चोट पर मुल्क से फ़सादियों को मिटाओ तो बात है   इधर-उधर की बात बहुत कर…

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"#Gazal by Adil Sarfarosh"

#Gazal by SHANTI SWAROOP MISHRA

हम तो अपनों को, अपना संसार समझ बैठे ! उन्हें ज़िन्दगी की नैया का, पतवार समझ बैठे ! रफ़्ता रफ़्ता फंसते गए हम उनके कुचक्र में, हम तो उसी को ख़ुशी का, बाज़ार समझ बैठे ! कैसी हैं फितरतें उनकी न समझ पाये हम, ज़ख्म देने पर भी उनका, इख़्तियार समझ बैठे ! पागल थे कि न समझे मन की गांठों को हम, उनकी अदा को उल्फ़त का, इज़हार समझ बैठे ! भूल ही गए…

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"#Gazal by SHANTI SWAROOP MISHRA"

#Gazal by Arun Sharma

गजल ___ कृष्ण मिल रहे राधा से जो इस होली में लग रहा रंग गालों पर हंसी ठिठोली में विराग कलुष पाप छोड़ प्रह्लाद हम बनें खुश रहे सब ग्वाल बाल मीठी बोली में अपना धर्म है नेकी करना कर रहे हैं भर रहा ईश्वर खुशियाँ सबकी झोली में लगन लगी गोरी के गाल संग गुलाल की सजें भाल गोपियों के कुमकुम रोली में चलो दुश्मनों अब नई शुरुआत करते हैं गले मिल लिये दिल…

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"#Gazal by Arun Sharma"

#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

दुनिया के सारे ग़म को, दिल में समां लिया मैंने, एक फूल से दिल को भी, पत्थर बना लिया मैंने ! ये सोच कर कि शायद मुकद्दर कभी तो जागेगा, जमाने की ख़लिश को भी, अपना बना लिया मैंने ! गुज़र जाता है खुशियों का उजाला बिना छुए मुझे, ये नसीब था कि अंधेरों को, अपना बना लिया मैंने ! कभी न भूल पाया मैं दिल से वो गुज़रे हुए लम्हात, मगर फिर भी इस…

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"#Gazal by Shanti Swaroop Mishra"