shayari by iqbal shaikh

जूठे सरे हे ख़्वाब सनम ख़्वाबों को सजाना छोड़ दिया जूठे वादे रस्मे कस्मे कसमों को खाना छोड़ दिया हमको क्या ईद दीवाली से महबूब का चेहरा सबकुछ हे इन बेमतलब की बातों को कहना सुनाना छोड़ दिया…

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"shayari by iqbal shaikh"

gazal by dr. r g ‘ vikal ‘

दुनिया में देखे हैं  हमने,  ऐसे भी दिलवाले लोग , खुशियों का व्यापार कर रहे, ये पीड़ा के पाले लोग। बदले कई मुकाम, मगर दुनिया का ये दस्तूर मिला, दूध धुले से दिखने वाले, भीतर से हैं काले लोग। कहीं बिलखती भूख, भूख से, निसदिन आहें भरती है, और कहीं इसके बदले में, बनते भूख निवाले लोग। कब जनमे, कब मरे, और मरना है कितनी बार अभी, नहीं खबर है, जिए जा रहे,  जीने का…

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gazal by rajinder sharma “raina”

दिल मेरा बेजार रहता, है हमें इंतजार रहता। है तलब दीदार करने, ये सुना उस पार रहता। इस शहर में ख़ास ये है, आम जन लाचार रहता। आग नफरत की लगी है, अब न दिल में प्यार रहता। ढूंढता फिरता सुदामा, किस गली में यार रहता। इश्क या डूबा नशे में, हर युवा बीमार रहता। रैन”की आदत बुरी है, मरने को तैयार रहता। रैना”

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gazal by sk gupta

इश्क़ को जो जान लेता है इश्क़ उसीकी जान लेता है। कुछ ऐसा सितमगर है यह यह बस इम्तिहान लेता है। ज़मीन देता है जिसको भी उसी का आसमान लेता है। अलग निज़ाम है इसका तो हवाओं को पहचान लेता है। इस में नशा है क़यामत का फ़ना होने की ठान लेता है।  

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"gazal by sk gupta"

gazal by satyendra gupta

परतें प्याज़ की छिलती चली गई आँखों में  पानी भरती  चली गई। दो घूँट शराब गले से क्या उतरी हक़ीक़त बयान करती चली गई। मुहब्बतों का बोझ ढ़ोते ढ़ोते ही घिस गई रिदा फटती चली गई। हसरत साथ रहने की उम्र भर वो लकीरें हाथ की मिटती चली गई। कब तक दिल भटकता दर ब दर क़यामत उस प गुज़रती चली गई। ज़िंदगी छुट गई थी जिस गली में सदियाँ वहीँ  सिमटती  चली गई। दास्ताँ…

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gazal by Manas Mishra

आदमी फिर आदमी से दूर होना चाहिये अब यही क्या मुल्क का दस्तूर होना चाहिये सब सरों पर हो कफन ये आस जिनकी है यहाँ उन वतन के काफिरों को दूर होना चाहिये रो रहे संसद में बैठे सब शहीदों के जतन उन शहीदों के लिए बस नूर होना चाहिये अब कहाँ मिलती है रौनक खाक शहरों की हवा अब वतन के माँग बस सिन्दूर होना चाहिये बो रहे जो हिन्द की आमद में अब…

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"gazal by Manas Mishra"

gazal by akash khangar

जिंदगी के इस तन्हापन में,कोई शम्मा जलाये रखना बेगानो की महफ़िल में,अपनापन बनाये रखना बेरंग जमाना तुमको भी बेरंग कही न कर डाले जवानी-ए-जेवर को महफूज बनाये रखना जिंदगी के…… वो शख्स जो तेरी तारीफ करे ज़रा कम ही रख तालुक उससे, दिल की बात लबो में दबी न करना जिक्र कभी किससे, है वहशी जमाना,है दरिंदे लोग, फिर मतलब क्या रखना किससे बदनामी के धब्बों से दामन को बचाये रखना जिंदगी के…. जाते जाते…

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"gazal by akash khangar"

gazal by Manas Mishra

इस सिसकती जिंदगी को जिंदगी कैसे कहूँ जो करी तुमने थी मेरी बन्दगी कैसे कहूँ चांद के आँगन में बैठी चाँदनी कैसे कहूँ रौशनी से तीरगी की आशिकी कैसे कहूँ हैं सिसकते बेज़ुबाँ और सिसकती मुफलिसी आप ही बोलो मेहरबाँ मयकशी कैसे कहूँ जब सितारों की तरफ से मिल रही हो तीरगी आप ही बोलो सितारे हमनशीं कैसे कहूँ देखते ही देखते वो भी ज़हीन हो गये आप ही बोलो इसे अब दोस्ती कैसे कहूँ…

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"gazal by Manas Mishra"

gazal by sk gupta

वह दिल ही क्या जो बेताब नहीं होता हर अक़्से हक़ीक़त ख़्वाब नहीं होता। अपनी सफ़ाई में मैं और क्या कहता कह दिया मुझसे अब हिसाब नहीं होता। दिल से अपने मिटा दी ख्वाहिशें सारी अब कोई भी सवालो जवाब नहीं होता। वो वलवले कहाँ वह जवानी किधर गई दिल हो या घर खाली शादाब नहीं होता। कल तुम गए सर से क़यामत गुज़र गई शबे हिज़्र का ही कोई हिसाब नहीं होता। अगर मैं…

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gazal by akhand gahmari

हुआ है प्‍यार में पागल सुनो अंन्‍जाम इस दिल का न उसकी बात माना मैं लगा इल्‍जाम इस दिल का अँधेरा दूर हो करना जला, लो दिल सनम मेरा न है जब जिन्‍दगी में तू न है क्‍या काम इस दिल का रही जब पास तुम मेरे बडा अनमोल था ये दिल न अब कोई मुझे पूछे न है कुछ दाम इस दिल का तुम्‍हारा प्‍यार था जब तो बुलाते थे सभी दिलवर सुना मैने…

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gazal by Murtaza Shagird

ISHAQ e TIZARAT ki toba toba… TOHIIN e Rafaqat ki toba toba … *Tizarat (buiz) *Rafaqat(freindship) INSAAN banaya mere Malik ne ,, Shaitaan se Ragbat ki toba toba ….. *Ragbat(humdardi ka rishta) Rakkhe jate Ahsaan Maqfii magar,, Charcha e Shkhawat ki toba toba …. Uff ke manzoor e duniya ke liye ,, AKHLAAQ e nidamat ki toba toba ….. *nidamat(sharminda) Chup-piiya tord ka Patthar bole ,, Bhagwan ki Murat ki toba toba…. Jinse Nam daali…

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gazal by Manju Agnihotri

नाज़-नखरे हाल-ए-दिल को आशियाना चाहिए , गीत ग़ज़लों के लिए दिल शायराना चाहिए !!!!!! हर किसी से दिल लगाने का बहाना चाहिए , इन मचलती ख्वाहिशों को इक ठिकाना चाहिए !!!!!! ज़िंदगानी के सफर को यूँ बढ़ाना चाहिए , रंज़-ओ-ग़म के दरमियाँ भी मुस्कुराना चाहिये !!!!!! आज फिर मुझको वही गुजरा ज़माना चाहिये , ऐ मेरे महबूब तबियत आशिकाना चाहिए !!!!!! आरज़ू हो तुम किसी के ख़्वाब की ताबीर हो , अब इसी ख़ातिर सही…

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"gazal by Manju Agnihotri"

gazal by Manas Mishra

वो दौलत नहीं जो कमाने से मिले दौलत है वो जो आज़माने से मिले तोहमतें हमारी ही जागीर हो गयी वो शातिर कुछ ऐसे ज़माने से मिले शिकायतें भी सारी दफन रह गयी वो नज़रों के कातिल निशाने से मिले गुज़ारनी थी उम्र उन्हीं के लिए पर कुछ लोग नये थे वो पुराने से मिले मुत्तासिर था इतना कि बाबा रे बाबा मोहब्बत में हम तो दीवाने से मिले जो लम्हें थे गुज़रे वो लम्हें…

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"gazal by Manas Mishra"

shayari by rj khanna

सियासत इस कदर आवाम पे अहसान करती है..! खुद आँखे छीन लेती है और चश्में दान करती है..!! 😀 😀 😉 हो गयी है उनसे दुरिया तो कोई बात नहीं…!! . . ऐ दोस्त… . . याद नज़रों से नहीं, दिल से किया जाता हैं…!!

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"shayari by rj khanna"

shayari by dhingra sushil

वह ना थे तो जिंदगी में उनकी यादें बहुत थी वह आए तो जिंदगी की सांसें बहुत कम थी। जिनके इंतजार में हम देख रहे थे राहों को वह आए और बोले हम पर निगाहें बहुत थीं।।

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"shayari by dhingra sushil"

shayari by raj khanna

आँखों ने उसे देख कर शोर मचा दिया तय तो ये था की रोना नही है “आज” 🙂 🙂 🙂 जब तू रोती है ना, बहुत से कारण होते हैं, . . लेकिन.. . . जब मै रोता हूँ, कारण सिर्फ तू होती है!!! :-O :-O :-O काश तु समझ सकती मोहब्बत के उसूलो को, . . . . किसी की साँसों में समा कर उसे तन्हा नहीं करते..!!

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"shayari by raj khanna"