Vyang by M M Chandra

नागनाथ सांपनाथ का चुनावी उत्सव: लेखक – एम. एम. चन्द्रा (व्यंग्य ) …………………………………………….. गजब ये है कि अपनी मौत की

Share This
Read more

Lekh by dr arvind Jain

पद ,पैसा ,प्रतिष्ठा और पुरुस्कार —- भाई मुरारी की उम्र चालीस साल की कब होगयी उन्हें पता तक नहीं चला

Share This
Read more

#Lekh सामाजिक प्रतिबद्धताओं से सजा व्यंग्य संग्रह: शोरूम में जननायक समीक्षक: एम. एम. चन्द्रा

अनूप मणि त्रिपाठी का पहला व्यंग्य संग्रह “शोरूम में जननायक” में लगभग तीन दर्जन व्यंग्य है. व्यंग्य संग्रह में भूमिका नहीं

Share This
Read more

#Lekh by Kirti Gandhi

राजस्थान में  लोकपर्वके रुप  में गणगौर बड़ी धूमधाम से मनाया  जाता है ।यू तो गणगौर स्त्रियों का त्यौहार है किंतु

Share This
Read more

#Lekh by Dr. Arvind Jain

अमेरिका  स्वर्ग या नरक —-डॉक्टर अरविन्द जैन भोपाल – ———————————————————————- हर व्यक्ति अपने घर को अपना घर कहता हैं जब

Share This
Read more

#Lekh Samiksha by Ramesh Raj

डॉ. गोपाल बाबू शर्मा की कविता-यात्रा +रमेशराज ———————————————————————– प्रसिद्ध व्यंग्यकार और जाने-माने कवि डॉ. गोपाल बाबू शर्मा विलक्षण प्रतिभा के

Share This
Read more

#Lekh by Dr.Arvind Jain

सहिष्णुता और अनेकान्तवाद वर्तमान में भारत में शब्दों के बाणों का इतना अधिक  उपयोग हो रहा जिससे आपसी कलह बढ़

Share This
Read more

#Lekh by Dr. Arvind Jain

हम न सुधरेंगे और न सीखेंगे हम भारतवासी  बहुत अच्छे गुणोंके धारी जीव हैं जंतु नहीं .हमें या हमारे खून

Share This
Read more

#Lekh by pankaj prakhar

विद्यार्थी परीक्षाओं से डरें नही बल्कि डटकर मुकाबला करें (लेखक :- पंकज “प्रखर”) प्रिय विद्यार्थीयों जैसा की आप लोग जानते

Share This
Read more

#Lekh by Ramesh Raj

माना नारी अंततः नारी ही होती है….. किसी भी काव्य-रचना की उपादेयता इस बात में निहित होती है कि उसके

Share This
Read more

#Lekh By Ramesh Raj

साहित्य का बुनियादी सरोकार +रमेशराज ————————————————————– किसी भी देश या काल के साहित्य के उद्देश्यों में पीडि़त जनता की पक्षधरता

Share This
Read more

#Lekh By pankaj prakhar

वैलेंटाइन डे युवाओं का एक दिवालियापन प्रेम शब्दों का मोहताज़ नही होता प्रेमी की एक नज़र उसकी एक मुस्कुराहट सब

Share This
Read more

#Lekh By Pankaj Prakhar

राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है (लेखक:- पंकज प्रखर ) राम केवल चुनावी मुद्दा नही बल्कि हमारे

Share This
Read more

#Lekh by Arvind Jain

अंडा खाओ और हृदय रोग बुलाओ ——-डॉक्टर अरविन्द जैन भोपाल ====================================== वैसे भारत अहिंसक देश माना जाता हैं पर आधुनिकता

Share This
Read more

#Lekh By Deepak Kumar

आलोचना लेख विकास पाल की कविता में जन के प्रति सहानुभूति : ———————————————- राजनीतिक शब्दकोश में विकास शब्द केवल जनता

Share This
Read more

#Lekh By Pankaj Prakhar

एक महान सती थी “पद्मिनी” लेखक:-पंकज प्रखर एक सती जिसने अपने सतीत्व की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान

Share This
Read more