#Lekh by Dr. Arvind Jain

शिक्षा —शिक्षक क्या एक दूसरे के पूरक हैं ?—– शिक्षा का अर्थ किसी के  द्वारा संस्कारित करना ,हमारी अज्ञानता को

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#Lekh by Amit Khare Sevada

युवाओं की भागीदारी से प्रभावी होता सृजन संवाद *************** साहित्य अकादमी की कार्यशालाओं में शामिल होने का  मेरा ये दूसरा

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#Lekh by Sanjay Verma

बेचारा पापड़  आम आदमी की थाली से गायब हो रहा पापड़ ,मसालेदार से ज्यादा मुनाफेदार हो गया पापड़ । सीधे  बाजार

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#Lekh by Anita mishra

प्रकृतिक- सौंदर्य और मनुष्य का बढ़ता फासला पर लेख। हमारे आस-पास सब कुछ प्रकृति है जो बहुत खूबसूरत पर्यावरण से

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#Lekh by Kumar Vijay Rahi

साहित्य_विमर्श बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जायेंगी…. पिछले दिनों भाषा-विज्ञान पढते समय इक बात सामने आई के जब रचनाकार

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#Lekh by Jaya Singh

आतंरिक खासियतों की हिफ़ाजत………! ************************************** आज चलिए एक ऐसे विषय पर कुछ सोचा जाए जो हम सब की जिंदगी का

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#Lekh by Pankaj Prakhar

“नज़रे बदलो नज़ारे बदल जायेंगे” आपकी सोच जीवन बना भी सकती है बिगाढ़ भी सकती है सकारात्मक सोच व्यक्ति को

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#Lekh by sameer shahi

आंदोलन अपने आस पास देखें, हर जगह कोई ना कोई आंदोलन चल रहा है. जाट आंदोलन, किसान आंदोलन, पटेल आंदोलन

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#Lekh by Pankaj Prakhar

भारत का महान सम्राट अकबर नही महाराणा प्रताप थे लेखक :- पंकज “प्रखर” कोटा (राजस्थान) राजस्थान की भूमि वीर प्रसूता

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#Lekh by Brijmohan Swami

बृजमोहन ‘बैरागी’ का चिंतन —————————————— एक यतार्थ आलोचना – प्रवीण चारण बृजमोहन स्वामी ‘बैरागी’ (जन्म 1 जुलाई सन् 1995) ,

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#Lekh by Pankaj Prakhar

स्त्री और नदी का स्वच्छन्द विचरण घातक और विनाशकारी ** स्त्री और नदी दोनों ही समाज में वन्दनीय है तब

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Lekh – BOOK REVIEW OF “कुछ व्यंग्य की कुछ व्यंग्यकारों की ” by M M handra

आत्ममंथन से व्यंग्यमंथन तक समीक्षक : एम. एम. चन्द्रा वरिष्ठ व्यंग्यकार हरीश नवल की पुस्तक “कुछ व्यंग्य की कुछ व्यंग्यकारों

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#Lekh by Pankaj Prakhar

“सफलता की आधारशिला सच्चा पुरुषार्थ   मानव ईश्वर की अनमोल कृति है लेकिन मानव का सम्पूर्ण जीवन पुरुषार्थ के इर्द

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#Lekh by pankaj prakhar

सफलता की आधारशिला सच्चा पुरुषार्थ मानव ईश्वर की अनमोल कृति है लेकिन मानव का सम्पूर्ण जीवन पुरुषार्थ के इर्द गिर्द

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