#Muktak by Sandeep Saras

मुक्तक अंक में सागर के जाकर आज फिर दिनमान डूबा। फिर निशा के द्वार जाकर भोर का अभिमान डूबा। चन्द्रमा

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#Muktak by D M Gupta

कोशिश ** मै केवल कोशिश करता हूँ  धर्म मार्ग  पर  चलने  का। मै केवल कोशिश करता हूँ  दुखियों के दुःख

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#Muktak by Mukesh Madhuram Bareli

कितनी बाधाओं  के कितने शिलाखण्डों को  जाने कैसे  तोड़ आये पथ में हारे टूटे बैठे पथिकों को जाने कैसे श्रद्धा-विश्वास

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#Muktak by Kumari Smriti

शहीद दिवस की श्रद्धांजलि ,देशवासियों के नाम।। ……………….   शहीदों को नमन करके, शहादत याद रखना भी, फ़कत आंसू बहाना

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