muktak by bebak jounpuri anitya narayan mishra

मुक्तक ” राह में लग रही ठोकरो को सलाम ! पत्थरो पर लिखा है ,स्वयं अपना नाम!! जब से छाले मेरे ,मन के मीत हुए ! ऊंचे दामो पर बिकने लगे है कलाम !!

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‘हैप्पी भाग जाएगी’ . #अभय देओल #आनंद एल राय

एक्टर अभय देओल जल्द ही हमें बड़े परदे पर दिखाई देंगे. ‘तनु वेड्स मनु’ के डायरेक्टर आनंद एल राय ने अपनी आने वाली फिल्म ‘हैप्पी भाग जाएगी’की शूटिंग चालू कर दी है. इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले हैं अभय देओल और डायना पेंटी. अगर मैं बात करू डायरेक्टर आनंद एल राय की तो मेरे पास शायद शब्द न हो. उन्होंने जो फिल्म्स बनायीं हैं वो सुपर हिट रहीं हैं जैसे तनु वेड्स मनु…

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muktak by kunwar ‘ bharti

कटुताओं और संघर्षों पर, विराम लगा सकता है मौन, धैर्यवान सहनशील हों तो, द्वेषभाव ला सकता है कौन; मन सहज सरल निर्मल तो, अनुभव होगा दिव्य आनंद, मुस्कान व तनिक समझदारी, उलझन शेष रहेगी कौन ।

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kavita by rajendra singh kunwar ‘ fariyadi

धरती ये धरती कब क्या कुछ कहती है सब कुछ अपने पर सहती है, तूफान उड़ा ले जाते मिटटी, सीना फाड़ के नदी बहती है ! सूर्यदेव को यूँ  देखो तो, हर रोज आग उगलता है, चाँद की शीतल छाया से भी, हिमखंड धरा पर पिघलता है ! ऋतुयें आकर जख्म कुदेरती, घटायें अपना रंग जमाती, अम्बर की वो नीली चादर, पल पल इसको रोज़ सताती ! हम सब का ये बोझ उठाकर, परोपकार का…

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kavita by vishnu sharma (sharhade Intazar)

ज़माने के बदलते …….अंदाज़ अजीब मंजर है ज़माने का मेरे साहब, कंही है रंजो गम तो कंही खंजर मेरे साहेब, हाथ खाली रख कर भी हैं क़त्ल हो रहे, निगाहों में बसा रखे हैं क़त्ल के सामां मेरे साहेब , खुशिया पल दो  पल की मिले ना मिले, दर्द का मिलना तो पुख्ता तय ही है मेरे साहेब, खुदा भी दुनिया  में  हुस्न बिखेरकर बेखबर सा है, इश्क वाले हुस्न को खुदा बता रहे हैं…

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muktak by ramesh raj

1. नेताजी को प्यारी लगती, केवल सत्ता की हाला नेताजी के इर्दगिर्द हैं, सुन्दर से सुन्दर बाला। नित मस्ती में झूम रहे हैं, बैठे नेता कुर्सी पर, इन्हें सुहाती यारो हरदम, राजनीति की मधु शाला।। 2. मुल्ला-साधु-संत ने चख ली, राजनीति की अब हाला गुण्डे-चोर-उचक्के इनके, आज बने हैं हमप्याला। नित मंत्री को शीश नवाते, झट गिर जाते पाँवों पर ये उन्मादी-सुख के आदी, सब कुछ इनको मधु शाला।। 3. गर्मागर्म बहस थी उस पर,…

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lekh by shyam snehi sahstri

प्रसंगवश   :     देश विभाजन और अराजकता का षड्यंत्र   आरक्षण आन्दोलन   गुजरात में आरक्षण आन्दोलन और इसके नौजवान नेता हाएदिक पटेल की गिरफ्तारी साथ ही उस परिपेक्ष्य में नेट सेवा पर प्रतिबन्ध |  कोई मामूली घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए | शांत और समृद्ध प्रदेश का आरक्षण के आग में धू-धू कर जलना किसी सोची-समझी गयी रणनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा तो नहीं ? बाहरी तौर पर बेशक ये आन्दोलन…

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