0202 – Shanti Swaroop Mishra

Gazal : गर मुझे मुकद्दर पे ऐतबार है, तो तेरी वजह से ! घर का गुलशन गर गुलज़ार है, तो तेरी वजह से !   आज दुनिया मेरी तलबगार है, तो तेरी वजह से मुझको अपनों से इतना प्यार है, तो तेरी वजह से !   तू ही बता दे कैसे भुला दूँ तुझको अय मेरे ख़ुदा, आज मेरी रगों में खूं बरक़रार है, तो तेरी वजह से !   जब कभी मैं लड़खड़ाया बस तूने उठाया थाम कर, मेरा खुशियों से भरा ये संसार है, तो तेरी वजह से !   घायल है आदमी इस दुनिया की ठोकरों से बेशक, मगर फिर भी दिलों में क़रार है, तो तेरी वजह से ! Gazal : तेरी मोहब्बत, मेरी ज़िन्दगी का हिस्सा है ! तेरी मुस्कान, मेरी ज़िन्दगी का किस्सा है !

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