#Gazal by Aasee Yusufpuri

मैं  जानता  हूँ   ख़फ़ा   नही  है

वो   आदतन  बोलता    नहीं  है

 

वफ़ा पे उसकी मैं झुक गया था

वो  मेरा  हरगिज़  ख़ुदा  नहीं है

 

तलाश  की  तुम  नज़र से देखो

हमारी  दुनिया  में  क्या  नही है

 

सुना है  जिसको  ज़माने भर ने

हमारी    ही   तो  सदा   नहीं  है

 

अदायगी  ही  नमाज़  की   बस

निजात    का   रास्ता   नहीं   है

 

है  अब  भी  उम्मीद  रौशनी की

चराग़  दिल   का  बुझा  नही  है

 

ये  हादसा  जो   हुआ  है  आसी

है  मसलेहत    हादसा   नहीं   है

 

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