#Gazal By Aasee Yusufpuri

पुलवामा के शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धाञ्जलि के साथ
ख़ून जायेगा हमारा रायगाँ ये कब तलक
सब्र का देते रहेंगे इम्तेहाँ ये कब तलक

कब तलक खाते रहेंगे जिस्म पर हम गोलियां
इन चिताओं से उठेगा फिर धुवाँ ये कब तलक

कब तलक बनते रहेंगे रहज़नों के हम शिकार
दर – बदर होता रहेगा कारवाँ ये कब तलक

हम जलाएं शम्माए अम्नो – मुहब्बत इस तरफ़
और उधर से ज़ुल्मतों की आँधियाँ ये कब तलक

सोचते हैं कब उठेगा अब हमारा भी क़दम
पस्त होंगे दुश्मने – हिन्दोस्ताँ ये कब तलक

मुल्क का हर इक जवाँ ये पूछता है बार-बार
चुप रहेंगे अब वतन के पासबाँ ये कब तलक

कब उतारेंगे शहीदों के लहू का क़र्ज़ हम
दिल हमारा होगा ”आसी” शादमाँ ये कब तलक

आसी यूसुफ़पुरी

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