#Gazal by Anand Pathak

ग़ज़ल-

 

पता पूछते हो मुहब्बत कहाँ है।

बता दें तुम्हें पर इजाज़त कहाँ है।

 

किसे दोष दें गर दुआ बे-असर है

करे जो असर वो इबादत कहाँ है।

 

जिसे चाहते हो उसे छीन लो तुम

नहीं हक़ मिलेगा शराफत कहाँ है।

 

अजब है नज़ारा यहाँ रोज़ इज़्ज़त

लुटी जा रही है हिफ़ाजत कहाँ है।

 

करी जा रही है बयाँ लफ्ज़ से जो

दिखाई न देती बगाबत कहाँ है।

 

 

–आनंद पाठक–

बरेली (उत्तर प्रदेश)

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.